जनता दल यूनाइटेड से छह साल निष्कासन के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह के परिवार को एक और झटका लगा है। सीएम सम्राट चौधरी सरकार ने अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया है। साथ ही उन्हें प्राप्त राज्य मंत्री का दर्जा भी समाप्त कर दिया गया है। बता दें कि दो दिन पहले ही शनिवार को जदयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का समर्थन करने के बजाय जनसुराज से जुड़े अनुज सिंह का साथ दिया था। इतना ही नहीं अनंत सिंह अनुज कुमार की जीत की खुशी में रिजल्ट आने से पहले ही जश्न मनाने लगे। अपने आवास पर 50 हजार लोगों के लिए भोज का आयोजन करने जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें जदयू के शीर्ष नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। ललन सिंह को नहीं पहचानने की भी बात कही। इन्हीं सब आधार पर पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता के तौर पर लिया। इसके बाद पहले दोनों को पार्टी से निष्कासित किया गया और अब नीलम देवी को मिले पद और राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया है।
दो दिन पहले अनंत सिंह पर जो कार्रवाई हुई थी, उसमें जदयू की ओर से कहा गया था कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना की। उन पर शीर्ष नेतृत्व के प्रति अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है। पार्टी ने इन गतिविधियों को अनुशासनहीनता मानते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है। जदयू के पत्र में अनंत सिंह को अगले छह साल के लिए जनता दल यूनाइटेड से निष्कासित किए जाने की बात स्पष्ट रूप से कही गई।