नीतीश कुमार मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के राज्य बजट से चार दिन पहले और सत्तारूढ़ महागठबंधन की पूर्णिया में हो रही महारैली के एक दिन पहले युवाओं और सीमांचल क्षेत्र के लिए पोटली खोली। बजट पर मार्च का प्रभाव भी दिख रहा। इसमें माननीयों को सहूलियत देने वाली भी कई खास बातें हैं। 24 फरवरी के कैबिनेट के फैसलों में कुल 27 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इनमें से बर्खास्तगी से दो जुड़े प्रस्तावों को छोड़ कुल 25 का सार्वजनिक प्रभाव है।
सबसे पहले युवाओं के लिए जानें...कितना कुछ
1. बिहार गजेटियर्स शोध पदाधिकारी सेवा संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई, जिसके साथ
पद-सृजन की भी स्वीकृति दी गई। नौकरी के लिहाज से यह अहम फैसला है।
2. इसी महीने राष्ट्रीय अंतरजिला जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणा की थी-
मेडल लाओ, नौकरी पाओ। शुक्रवार को कैबिनेट ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधे नौकरी देे वाली नियमावली 2023 का अनुमोदन कर दिया।
3. बिहा प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी पटना के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से पुराने वित्तीय वर्षों में पदों को घटाया गया, जबकि 2023-24 से 2025-26 के लिए
37 नए पदों का सृजन किया गया है।
4. मेडिकल छात्रों के लिए कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। राज्य के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में नामांकन एवं अन्य
शुल्कों में एकरूपता लाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दी गई। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली के प्रावधानों के तहत प्राइवेट मेडिकल कॉलेज व डीम्ड विश्वविद्यालयों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन सहित अन्य शुल्कों का निर्धारण सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयोें के लिए निर्धारित शुल्क पर करने का फैसला लिया गया। यानी,
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की 50 प्रतिशत सीटों पर शुल्क सरकारी जैसा लगेगा।
5. आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) के पटना मुख्यालय तथा विवि में स्थापित सात विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के कुल
201 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गइ। इन स्कूलों में पूर्व में सृजित समन्वयकों के पदों को सहायक प्राध्यापक के पदों में बदल दिया गया। जो तीन समन्वयक कार्यरत हैं, उन्हें सहायक प्राध्यापक के पद पर अहर्ता के आधार पर सेवा में रखा जाएगा।
6. पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण मामलो के लिए भू-अर्जन कोषांग में इस विषय के विशेषज्ञ के संविदा के आधार पर
दो अतिरिक्त पदों की स्वीकृति दी गई।
7. दरभंगा में बने तारामंडल-सह-ज्ञान एवं विज्ञान
संग्रहालय के लिए सृजित पदों को बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी पटना को हस्तांतरित किया जा रहा है। इसका संचालन भी यही करेगा।
8. राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में समावेशी शिक्षा के लिए विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए
दिव्यांता के प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों के कुल 270 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। इस फैसले के साथ पिछले दिनों नेत्रहीन विद्यालय में शिक्षकों की कमी का उठा मामला भी शांत हो जाएगा।
मार्च से पहले कई तरह के फंड जारी किए
1. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत डोर स्टेप डिलिवरी योजना-2016 के तहत केंद्र की राशि विमुक्ति की प्रत्याशा में बिहार ने राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को अप्रैल-नवंबर 2022 की राज्यांश राशि
455 करोड़ 54 लाख रुपये विमुक्ति करने की स्वीकृति दी।
2. पटना के मालसलामी में पर्यटन विभाग के नवनिर्मित ओ. पी. साह सामुदायिक भवन के भूमि के मुआवजा मद में
44 करोड़ 37 लाख 60 हजार 73 रुपये की स्वीकृति दी गई।
3. भोजपुर जिला के पीरो अनुमंडल व्यवहार न्यायालय के लिए छह एकड़ रैयती भूमि अर्जन जरूरी है। इसके लिए प्राक्कलित राशि
49 करोड़ 20 लाख तीन हजार 300 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
4. बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) पटना मुख्यालय एवं अन्य कार्यालयों के लिए 'स्वास्थ्य भवन’ के निर्माण के लिए 2018-19 में 58.33 करोड़ की लागत संभावित थी, जो काम में कुछ बदलाव के बाद अब बढ़कर
87 करोड़ 46 लाख 96 हजार 300 रुपये हो गई है। इस द्वितीय पुनरीक्षित राशि के लिए प्रशासनिक स्वीकृति कैबिनेट ने दे दी।
5. तीन जिलों में लेवल पहुंच पथ के साथ रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए 248 करोड़ 53 लाख 39 हजार 500 रुपये में राज्यांश
148 करोड़ 29 लाख 36 हजार की अनुमानित राशि के लिए योजनावार प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
6. मॉडल विधायक आवासन परियोजना अंतर्गत शेष बचे 201 आवासों एवं बाकी कार्यों को पूरा करने के लिए
629 करोड़ छह लाख 70 हजार रुपये की पुनरीक्षित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
CTET-STET पास अभ्यर्थियों को कैबिनेट से उम्मीद
इस बैठक से ठीक 5 दिन पहले CTET-STET पास अभ्यर्थियों ने
पटना में आंदोलन किया था। उन्होंने बिहार सरकार पर जमकर हंगामा किया था। साथ ही नीतीश सरकार को अल्टीमेटम देते हुए आदेश दिया था कि 24 फरवरी को होने वाले कैबिनेट की मीटिंग हमलोगों की नियुक्ति की घोषण की जाए। नहीं तो वो आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि CTET और STET 2019 के अंको के आधार पर ही बहाली की जाए। कैबिनेट ने CTET-STET पास अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।