वक्फ बिल पास होने के बाद बिहार में सबसे ज्यादा प्रभाव जेडीयू पार्टी पर ही दिखाई दे रहा है। एक के बाद एक लगातार जदयू के बड़े और छोटे नेता इस्तीफा दे रहे है।वक्फ़ बिल से नाराज़ अब भोजपुर के दो पार्टी सदस्य मो. दिलशान राइन और अफरीदी खान ने पार्टी से एवं अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जेडीयू जिला अध्यक्ष को त्यागपत्र लिखा है।पत्र में लिखा है, “वक्फ संशोधन बिल के प्रति आपकी पार्टी के समर्थन ने मेरे विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है।
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वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पारित होते ही नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड को लगातार झटक लग रहा है। अब युवा जेडीयू के दो नेता भोजपुर जिला से इस्तीफा दिए है।ईनके इस्तीफे से पहले जेडीयू नेता राजू नैयर, तबरेज सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शाहनवाज मलिक और मोहम्मद कासिम अंसारी ने भी इस्तीफा दे दिया है।
गौरतलब है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने भाजपा के सहयोगियों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों से वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने का आग्रह किया था।
आरा के युवा जेडीयू के नेताओ ने अपने पत्र में लिखा है कि हम जैसे लाखों करोड़ों भारतीय मुसलमानो का अटुट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेकुलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं। लेकिन अब यह यकीन टुट गया है। वक्फ बिल संसोधन अधिनियम 2024 के तअलुक से जदयू के स्टैण्ड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों एवं कार्यकर्ताओं को गहरा अघात लगा है।नेताओ ने ये भी आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार अब मुस्लिम समुदाय के हित में कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड से संबंधित बिल का हवाला देते हुए कहा कि यह मुसलमानों के हित में नहीं है और नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।अतः मै पार्टी के प्राथमिक सदस्य से स्वेच्छा से त्याग पत्र दे रहा हूं। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में मैराथन और गरमागरम बहस के बाद शुक्रवार की सुबह वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े।
jdu leader
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