आगरा के व्यापारी की शिकायत पर पटना की ज्वेलरी दुकान का राज खुला
- फोटो : Amar Ujala
पटना के बाकरगंज ज्वेलरी बाजार में नकली ब्रांड के नाम पर चांदी के आभूषण बेचने के कारोबार का खुलासा हुआ है। आगरा के एक कारोबारी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पीरबहोर थाना पुलिस ने एक ज्वेलरी दुकान पर छापेमारी कर करीब 11 किलोग्राम चांदी के पायल और बिछिया बरामद किए हैं। इस मामले में दुकान मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद बाकरगंज बाजार में हड़कंप मच गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
आगरा के कारोबारी ने दर्ज कराई थी शिकायत
पीरबहोर थाना प्रभारी के अनुसार, आगरा निवासी व्यवसायी अशोक कुमार गुप्ता ने थाने में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी ‘एमआरडीएक्स (MRDX)’ के नाम और ब्रांड का दुरुपयोग कर पटना में कुछ लोग डुप्लीकेट चांदी के आभूषण तैयार कर बाजार में बेच रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि नकली उत्पादों की वजह से उनकी कंपनी की साख प्रभावित हो रही थी और कारोबार को भी नुकसान पहुंच रहा था।
विशेष टीम ने की छापेमारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर टीम ने बाकरगंज स्थित आर.पी. बंधेल हाउस ज्वेलरी दुकान में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में चांदी के पायल और बिछिया बरामद किए। जब्त किए गए आभूषणों का कुल वजन करीब 11 किलोग्राम बताया गया है।
दुकान मालिक और कर्मचारी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दुकान के मालिक रवि सोनी और कर्मचारी प्रिंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली ब्रांड के नाम पर तैयार किए गए उत्पादों की आपूर्ति किन-किन इलाकों में की जा रही थी और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
ये भी पढ़ें-
Bihar : सीएम सम्राट चौधरी की बिहार पुलिस के खिलाफ भाजपा के मंत्री-विधायक? किस मामले के कारण यह हो रहा
एक साल से मिल रही थीं शिकायतें
आगरा से पटना पहुंचे व्यवसायी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उनकी कंपनी के नाम से मिलते-जुलते डुप्लीकेट उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे हैं। ग्राहकों के बीच भ्रम की स्थिति बनने और ब्रांड की छवि प्रभावित होने के बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया।
फिलहाल पुलिस जब्त किए गए सामान की जांच कर रही है। मामले में कॉपीराइट उल्लंघन, ट्रेडमार्क के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।