बिहार के सीवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी के कथित तौर पर AK-47 रायफल का इस्तेमाल करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और कथित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।
वायरल वीडियो के बाद पुलिसकर्मी निलंबित
सीवान में 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए वीडियो में एक पुलिसकर्मी कथित रूप से AK-47 रायफल का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है। इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। सीवान के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। उनके अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और पुलिस को गोली न चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
'छात्रों के खिलाफ हिंसा स्वीकार नहीं'
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 चलाने और सैकड़ों छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि छात्रों पर एफआईआर नहीं करने और उन्हें रिहा करने का वादा क्या हुआ। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की।
'क्या छात्र आतंकवादी हैं?'
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्र आतंकवादी नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्र प्रदर्शन में AK-47 जैसे हथियारों की क्या जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
'अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी उठाए सवाल'
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा कि बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह के हथियारों या अत्यधिक बल का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
'भाजपा ने आरोपों को बताया झूठ और भ्रामक'
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने कांग्रेस से झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए माफी मांगने की मांग की और कहा कि इस तरह के बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं।
यह भी पढ़ें:
छात्रों के प्रदर्शन में चली थी AK-47! फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
'NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शन'
बिहार में वामपंथी छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। इसी दौरान सीवान में प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद AK-47 के कथित इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामले की जांच जारी है।