सार
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 336 किमी बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा 4-लेन परियोजना को मंजूरी मिली है। साथ ही 48,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 34.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पीएम मोदी और सीएम सम्राट चौधरी
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बिहार में सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। बक्सर से भागलपुर के बीच अरवल, नालंदा, जमुई, जहानाबाद समेत अन्य जिलों से होकर गुजरने वाले 336 किलोमीटर लंबे 6-लेन पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को PPP (DBFOT Toll) मॉडल पर विकसित करने के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसका विकास BSRDCL के माध्यम से किया जाएगा।
इसके अलावा बिहार में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का निर्माण किया जाएगा। योजना के तहत 52 चयनित समितियों को 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में कुल 34.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
वहीं, केंद्रीय कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड के 82.578 किलोमीटर लंबे मार्ग को 4-लेन मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे। NH-22 के इस हिस्से के 4-लेन होने से उत्तर बिहार में आवागमन और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से बिहार में यात्रा का समय कम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत होगा और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
बिहार के चौतरफा विकास के हमारे प्रयासों में कनेक्टिविटी का तेज विस्तार बहुत जरूरी है। इसी दिशा में आज हमारी सरकार ने NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन पर 4-लेन के निर्माण को मंजूरी दी है। पूरे राज्य के लिए लाइफलाइन साबित होने वाली इस परियोजना से प्रगति का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है। इससे जहां सफर में लगने वाला समय बचेगा, वहीं आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।