धरना पर बैठे अमीन (फाइल फोटो)।
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बिहार में अगर आप ज़मीन की मापी, दाखिल-खारिज या सर्वे से जुड़ा कोई काम कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बिहार के राजस्व अमीन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं, जिससे आने वाले दिनों में सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसर सकता है।
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इस तारीख से रहेगा काम ठप
बिहार राजस्व अमीन संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे सिस्टम को ठप करने की तैयारी में हैं। इस संबंध में संघ का कहना है कि 20 मार्च से राज्यभर के अमीन काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके तहत विरोध के साथ काम जारी रहेगा, लेकिन 23 मार्च से बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर महाधरना किया जाएगा। बिहार राजस्व अमीन संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि 23 मार्च से कामकाज को पूरी तरह ठप कर कर दिया जाएगा।
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अमीनों की हैं कई मांग
इस संबंध में अमीनों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ पैसों की नहीं है। विभाग अब डिजिटल हो रहा है, लेकिन जिन कंधों पर इस डिजिटलीकरण का बोझ है, उन्हें ही नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उनकी मुख्य शिकायतें कुछ इस प्रकार हैं। अमीनों की मांग है कि उनके काम की जटिलता को देखते हुए उन्हें तकनीकी कर्मी के रूप में मान्यता दी जाए। उनका यह भी कहना है कि जब सारा काम ऑनलाइन और डिजिटल मैप्स पर हो रहा है, तो अमीनों को पर्याप्त हाई-टेक मशीनें और भत्ता दिए जाएं। उनका यह भी कहना है कि काम का बोझ बढ़ रहा है लेकिन सुविधाएं अब तक पुरानी वाली ही हैं, इसलिए सुविधाएं भी आज के समय के अनुसार बढ़ाने चाहिए।
क्या पड़ेगा आम जनता पर हड़ताल का असर?
बताया जाता है कि अगर 23 मार्च को कामकाज ठप होता है, तो ज़मीन की मापी, सीमांकन और सरकारी योजनाओं के लिए होने वाले लैंड वेरिफिकेशन के काम लटक जाएंगे। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।