राजधानी पटना की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और जाममुक्त बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
दोनों तरफ बनी रही सर्विस लेन का जायजा लिया
निरीक्षण के दौरान सचिव ने तकनीकी टीम और विभागीय अभियंताओं के साथ मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (करबिगहिया मार्ग) को जोड़ने वाले पहुंच पथ और दोनों ओर बन रही सर्विस लेन का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा
अधिकारियों के अनुसार, लगभग 292.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना की कुल लंबाई 1730 मीटर है। फ्लाईओवर की नींव का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और एप्रोच रोड का करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। परियोजना के पहले चरण में जीपीओ गोलंबर से पुराने बस स्टैंड तक का कार्य जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने की योजना है।
मानसून से पहले बाधाएं दूर करने के निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले संभावित तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो और परियोजना समय पर पूरी हो सके।
करबिगहिया जाम से मिलेगी स्थायी राहत
यह फ्लाईओवर आर-ब्लॉक गोलंबर, जीपीओ गोलंबर, मीठापुर गोलंबर और करबिगहिया स्टेशन होते हुए कंकड़बाग क्षेत्र तक बेहतर संपर्क प्रदान करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद करबिगहिया स्टेशन के आसपास रोजाना लगने वाले भीषण जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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एनएच-30 बाईपास से होगा सीधा संपर्क
फ्लाईओवर के निर्माण से मीठापुर गोलंबर का सीधा संपर्क एनएच-30 बाईपास से स्थापित होगा। इससे शहर के भीतर आने वाले भारी वाहनों और बाहरी ट्रैफिक को व्यस्त मार्गों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही नवनिर्मित मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से आने वाले वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो जाएगी। राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस परियोजना को पटना की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके पूरा होने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।