Bihar News : डॉ जीके पॉल के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक जांच कमेटी का गठन किया। इस कमिटी ने अपनी रिपोर्ट 27 सितंबर को मंत्रालय को सौंप दी। अब मंत्रालय ने पटना एम्स के कार्यकारी डायरेक्टर को हटाने का आदेश जारी कर दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पटना एम्स के कार्यकारी डायरेक्टर डॉ जी.के पॉल को हटा दिया है। अब उनकी उनकी जगह देवघर एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय को पटना एम्स के कार्यपालक निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डॉ. सौरभ वार्ष्णेय इस पद पर तीन महीने तक रहेंगे या फिर जबतक उस जगह के लिए नए निदेशक की नियुक्ति नहीं हो जाती। वह फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर नामांकन कराने के विवाद से घिरे हुए थे।
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बेटे का ओबीसी फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर संस्थान में एडमिशन कराने का है आरोप
जी.के पॉल पर आरोप है कि गोरखपुर एम्स के अतिरिक्त प्रभार में रहते हुए उन्होंने अपने बेटे का ओबीसी फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर संस्थान में एडमिशन कराया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे ओरो पाल का नामांकन पीजी में माइक्रोबायोलॉजी में कराया। यह नामांकन ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर के लिए आरक्षित सीट पर कराया गया था, जिसके लिए अपने बेटे का नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र पटना के दानापुर एसडीओ कार्यालय से बनवाया गया था।
शिकायत मिलने के बाद इसी साल जांच कमेटी का किया गया था गठन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ जीके पॉल को हटाए जाने से जुड़ा आदेश मंगलवार को जारी किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेशानुसार डॉ जीके पॉल को तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया। डॉ जीके पॉल के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस साल 4 सितंबर 2024 को एक जांच कमेटी का गठन किया था। इस जांच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट 27 सितंबर को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी थी। अब मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पटना एम्स के कार्यकारी डायरेक्टर डॉ जी.के पॉल को हटाने का आदेश जारी कर दिया।