बिहार का सियासी पारा इन दिनों खासा सरगर्म है। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी इन दिनों बिहार बचाओ रैली कर सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं। उनका कहना है कि केंद्र में अगली सरकार बनाने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक मंच पर आना जरूरी है।
अमर उजाला से खास बातचीत में पासवान ने कहा कि चुनावी गठबंधन के लिए जल्द ही कांग्रेस से बातचीत शुरू की जाएगी। पासवान ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। पुलिस के आंकड़े इस बात के गवाह हैं। जनता को हकीकत से रूबरू कराने के मकसद से ही उनकी पार्टी की रैलियां हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि सभाओं में उमड़ रही भीड़ माहौल बदलने का संकेत दे रही है। यही वजह है कि बिहार में विपक्ष ही न होने की बात करने वाली सरकार अब रैली के बारे में भ्रामक प्रचार करने की निरर्थक कोशिश कर रही है। पासवान ने कहा कि लोगों में आक्रोश इतना ज्यादा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपनी यात्रा बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। आने वाले चुनाव के नतीजों से बात पूरी तरह से साबित भी हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोजपा और राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन के साथ कांग्रेस को भी जोड़ा जाएगा क्योंकि देश की एकता के लिए खतरा बन चुकी सांप्रदायिक ताकतों को पराजित करने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष दलों का एक मंच पर आना बेहद जरूरी है।