जेडीयू के पूर्व उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपनी रणनीति का लोहा मनवा चुके प्रशांत किशोर ने पार्टी से निकाले जाने के बाद नीतीश सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार को प्रशांत किशोर ने 'बात बिहार की' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम को पहले दिन ही बिहार की जनता का जबरदस्त रिस्पांस मिला। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन इस कार्यक्रम से तीन लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं। इस कार्यक्रम से जुड़ने वालों में सबसे ज्यादा संख्या पटना जिले के लोगों की है।
'बात बिहार की' कार्यक्रम से जिलावार जुड़ने वालों की संख्या:-
| जिला |
कार्यक्रम से जुड़ने वालों की संख्या |
| पटना |
27710 |
| मुजफ्फरपुर |
14443 |
| पूर्वी चंपारण |
11762 |
| समस्तीपुर |
10931 |
| सारण |
10636 |
| वैशाली |
9405 |
| नालंदा |
9168 |
| पश्चिम चंपारण |
7139 |
| रोहतास |
7573 |
| बक्सर |
5953 |
| गोपालगंज |
6884 |
| पूर्णिया |
6310 |
| सहरसा |
4798 |
| सीतामढ़ी |
6863 |
| सिवान |
9401 |
| सुपौल |
4852 |
| अररिया |
5129 |
| अरवल |
1946 |
| शेखपुरा |
1874 |
| शिवहर |
1511 |
| औरंगाबाद |
5481 |
| बांका |
3107 |
| बेगूसराय |
8575 |
| भागलपुर |
7391 |
| भोजपुर |
7721 |
| जमुई |
3014 |
| जहानाबाद |
3483 |
| कैमूर |
3202 |
| कटिहार |
4668 |
| खगड़िया |
3751 |
| किशनगंज |
2354 |
| लखीसराय |
3142 |
| मधेपुरा |
4160 |
| मधुबनी |
1909 |
| मुंगेर |
3323 |
| नवादा |
4761 |
प्रशांत किशोर ने 18 फरवरी को प्रेस कांफ्रेंस में इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि मैं ऐसे लोगों को जोड़ना चाहता हूं जो बिहार को अग्रणी राज्यों की दौर में शामिल करना चाहते हैं, जो लोग बिहार को अगले 10 सालों में टॉप 10 राज्यों में देखना चाहते हैं। वह इस कार्यक्रम से जुडेंगे। उन्होंने साफ किया था कि जब तक जीवित हूं बिहार के लिए पूरी तरह समर्पित हूं, मैं कहीं नहीं जाने वाला हूं। मैं आखिरी सांस तक बिहार के लिए लड़ूंगा। अब जब आम लोग उनके कार्यक्रम से भारी संख्या में जुड़ रहे हैं तो इससे यह बात साफ हो जाती है कि बिहार की जनता को प्रशांत किशोर के रूप में एक नया विकल्प मिल गया है।
प्रशांत किशोर पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ेंगे और न ही किसी गठबंधन में शामिल होंगे।