पटना के एयरपोर्ट थाने की हाजत में दोनों आरोपी बंद हैं।
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सीआईएसएफ तक नहीं पहुुंची जानकारी, एक फरार
खुद को नेता और एक एक राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष से जुड़ा बता रहे रोहित कुमार और नीतीश कुमार को पटना एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पकड़ कर एयरपोर्ट थाने के हवाले कर दिया, जबकि पिंटू कुमार अफरातफरी की स्थिति बनाकर फरार हो गया है। एयरपोर्ट के सीआईएसएफ कमांडेंट ए. के. झा ने बताया कि रविवार की रात फ्लाइट में हंगामा करने वाले यात्रियों की जानकारी जबतक आई, तब तक यात्री निकलने लगे थे। विमानन कंपनी की ओर से ग्राउंड स्टाफ को मार्क कर बताया गया होता कि यह तीन यात्री हैं तो पिंटू कुमार नहीं भाग पाता। हम हर यात्री को रोक नहीं सकते थे, इससे अफरातफरी हो सकती थी। विमानन कंपनियों ने जिन्हें मार्क कराया, उन दो को हिरासत में लेकर बिहार पुलिस को सौंप दिया गया।
पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में पीकर आना भी अपराध
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से दूसरे राज्यों के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर बिहार जा रहे यात्रियों को इस बात के लिए सावधान किया जाता है कि नशे में बिहार जाने पर जेल हो सकती है। विमान में यात्रा कर रहे तीनों यात्री हाजीपुर के बताए गए और खुद को राजनेता का करीबी बताने का मतलब है कि वह बिहार के नियमों से पूरी तरह वाकिफ होंगे। इसके बावजूद तीनों शराब पीकर न केवल पटना की फ्लाइट पर आए, बल्कि खुद को राजनेता का करीबी बताते हुए नशे में छेड़खानी, बदसलूकी और मारपीट करने लगे।
थानाध्यक्ष ने दोनों आरोपियों के शराब पीने की पुष्टि की।
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हंगामे के 14 घंटे बाद सिर्फ शराब पीने का मामला दर्ज
विमान में शराब पीकर हंगामा की खबर रात करीब 9 बजे पहली बार सामने आई। उसके बाद सुबह तक मीडिया एयरपोर्ट थाने पर जमी रही। इसके बावजूद लगभग 11 बजे सुबह केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इंडिगो अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर जानकारी दी कि तीन यात्री थे, जिनमें दो फ्लाइट में शराब पी रहे थे। मना किया गया तो माफी मांगकर शराब पीना बंद कर दिया। दोनों के बारे में सीआईएसएफ को जानकारी दी गई और पुलिस में केस के लिए लिखकर दिया गया। हवाई अड्डा थानाध्यक्ष ने भी सिर्फ दोनों के शराब पीने का मामला दर्ज होने की जानकारी दी।