लोक अदालत, एक झटके में ट्रैफिक चालान का निपटारा
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बिहार सरकार की एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026 के तहत शनिवार को राज्यभर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भारी जनसैलाब उमड़ा। परिवहन विभाग की इस पहल ने उन वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है, जिनके चालान लंबे समय से लंबित थे। इस विशेष अभियान के दौरान महज एक दिन में 20 हजार से अधिक ई-चालानों का निपटारा किया गया, जिससे सरकारी खजाने में लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई।
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50% छूट का दिखा जादू, केंद्रों पर लगी लंबी कतारें
योजना के तहत सबसे बड़ा आकर्षण चालान की मूल राशि पर दी गई 50 प्रतिशत की विशेष छूट रही। इस बड़ी राहत का लाभ उठाने के लिए जिला परिवहन कार्यालयों और न्यायालय परिसरों में सुबह से ही वाहन चालकों की लंबी कतारें देखी गईं। इसको लेकर आमजन की सुविधा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की गई। इसको लेकर डिजिटल भुगतान केंद्र बनाया गया जहां नकद के साथ-साथ ऑनलाइन पेमेंट के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की गई थी।
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किन मामलों का हुआ सबसे ज्यादा निपटारा?
लोक अदालत में मुख्य रूप से उन मामलों का निबटारा हुआ जो पिछले काफी समय से लंबित थे। इनमें दोपहिया और चार पहिया वाहनों के द्वारा हेलमेट और सीटबेल्ट नहीं लगाने के मामले, निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाने के मामले और अन्य छोटे यातायात उल्लंघनों से जुड़े मामले शामिल थे। इस संबंध में परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि नागरिकों को बोझ से मुक्त करना और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि एकमुश्त निपटान योजना आम नागरिकों को बड़ी राहत देने के लिए लाई गई है। लोक अदालत के माध्यम से लंबित बोझ कम हुआ है, जिससे तकनीक आधारित यातायात प्रबंधन प्रणाली को और मजबूती मिलेगी। सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सड़क सुरक्षा की अपील
परिवहन विभाग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे नियमों का पालन केवल जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी जनहितकारी पहल जारी रहेंगी, लेकिन सुरक्षित यातायात के लिए हेलमेट, सीटबेल्ट और गति सीमा का पालन अनिवार्य है।