साल हो सकता था बर्बाद
नई दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज परीक्षा (यूपीएससी सीडीएस ) रविवार को आयोजित की गई। छात्र सालभर मेहनत करते हैं और फिर एग्जाम सेंटर पहुंचकर अपनी किस्मत को आजमाते हैं। वहीं कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जो किसी वजह से समय पर एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच पाते और अपना साल बर्बाद कर बैठते हैं।
पुलिस ने बदल दिया पूरा सीन
दिल्ली में भी छात्र पंकज के साथ आज यूपीएससी सीडीएस एग्जाम में ऐसा हो सकता था मगर दिल्ली पुलिस की सतर्कता और समय पर मिली मदद के चलते छात्र का साल बर्बाद होने से बच गया। स्कूल के गेट बंद होने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी और अभ्यर्थी का सालभर का सपना टूटने की कगार पर था। अभ्यर्थी के सामने उसका पूरा साल और करियर धुंधला पड़ता नजर आ रहा था। इसी दौरान मायूस छात्र पर दिल्ली पुलिस की एक टीम की नजर पड़ी और पूरा सीन ही बदल गया।
दिल्ली पुलिस ने शेयर किया वीडियो
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक वीडियो शेयर कर बताया गया है कि कैसे पुलिस की एक टीम ने बिना एक सेकंड गंवाए छात्र का साल बर्बाद होने से बचा लिया और वह भी तब जब छात्र एग्जाम से तीन मिनट पहले गलस एग्जाम सेंटर पर पहुंच गया था।
तीन मिनट पहले सही सेंटर पहुंचाया
दिल्ली पुलिस के एक्स हैंडल पर बताया गया है कि ‘यूपीएससी-सीडीएस परीक्षा के लिए महज तीन मिनट पहले गलत सेंटर पर पहुंचे छात्र को डीसीपी नई दिल्ली के थाना नॉर्थ एवेन्यू के एसएचओ रमेश कुमार सिंह और उनकी टीम ने तुरंत पुलिस वाहन द्वारा सही सेंटर पर पहुंचाया।’वीडियो में एसएचओ कहते नजर आ रहे हैं कि 'यह कैंडिडेट पंकज हैं जिनका तीन मिनट का समय बचा है। गलत स्कूल चले गए थे। इन्हें लेकर के हम दूसरे स्कूल (पीएम श्री) में जा रहे हैं।' पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्र हैवलॉक स्क्वायर स्थित अटल आदर्श स्कूल में पहुंच गया था। उसका सेंटर काली बॉडी स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में पड़ा था। इनकी दूरी एक किलोमीटर से ज्यादा है। अगर पंकज पैदल जाता तो वह समय से पहुंच पाता।
वीडियो में आखिर में एसएचओ कहते हैं ‘इस प्रकार पंकज की एंट्री करा दी गई है’
किसी फिल्मी क्लाइमेक्स की तरह के वीडियो में देखा जा सकता है कि एसएचओ और उनकी टीम पंकज को सही एग्जाम सेंटर तक ले जाने में पूरी तरह जुटी हुई है। पंकज को गाड़ी में बिठाने से पहले एसएचओ स्कूल के गेट पर यह भी पूछते नजर आए कि क्या और भी कोई है कोई है जिसे मदद की जरूरत है। आखिरी के यह तीन मिनट किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं थे। पुलिस के इस कदम से सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर जेन को लेकर लगी तोहमत को हटाने का कोशिश की है।