बिहार विधानसभा चुनावों में दो चरण समाप्त होने के बाद कुछ चीजें साफ होती दिख रही हैं। जैसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूरा दम झोंकने और राजद सुप्रीमो लालू यादव द्वारा हर मुद्दे पर उन्हें घेरने के बाद सारी लड़ाई लालू-नीतीश और मोदी के बीच सिमटती दिख रही है।
अलग-अलग दावों और वादों से दोनों गठबंधन वोटरों को अपने पक्ष में करते दिख रहे हैं। दो गठबंधनों के बीच की इस जोरदार भिडंत का बड़ा खामियाजा उठाना पड़ रहा है तीसरे मोर्चे को। जिसमें शुरूआत में कई दलों ने मिलकर दोनों गठबंधन को टक्कर देने की रणनीति तैयार की थी।
मुलायम सिंह की सरपरस्ती में बने इस गठबधंन की कमान सौंपी गई थी एनसीपी नेता तारिक अनवर को। लेकिन एनसीपी ने भी जल्द ही इसे बाय बाय कह दिया। नतीजतन बिहार में यह तीसरा मोर्चा बनने से पहले ही बिखरता दिखा।
बनने से पहले ही तीसरे मोर्च को बाय बाय कह गए अनवर
उसके बावजूद भी इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुके मुलायम सिंह यादव ने यहां पूरा दम झोंकने की बात कही थी। मुलायम की समाजवादी पार्टी के अलावा इसमें पप्पू यादव की जनअधिकार पार्टी भी शामिल थी।
इसके अलावा एक दो छोटी पार्टियां भी इसी गठबंधन की छतरी तले आ गई थीं। लेकिन जैसे जैसे चुनाव आगे बढ़ता जा रहा है सारी लड़ाई भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल-कांग्रेस के महागठबंधन के बीच तक ही सिमट गई है।
समाजवादी पार्टी और उसका गठबंधन कहीं भी लड़ाई लड़ता नहीं दिख रहा है। इसका अंदाजा इस से भी लगाया जा सकता है कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की एक दो रैलियों के अलावा भी किसी बड़े सपा नेता की ओर से बिहार में अभी तक कोई बड़ी रैली नहीं की गई है। न ही लालू नीतीश और नरेन्द्र मोदी की तरह बड़े सपा नेताओं के होर्डिंग बैनर कहीं दिखाई देते हैं।
आधा दर्जन सीटों तक सिमटी ओवैसी की लड़ाई
बिहार में कुछ ऐसी ही स्थिति हो गई है वाम दलों की। कई सीटों पर मजबूत पकड़ रखने वाले वाम दल भी इस लड़ाई से बाहर जाते दिख रहे हैं। यहां भी अभी तक किसी बड़े कामरेड ने कोई रैली करने की जहमत नहीं उठाई है।
हालांकि हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एमआईएम ने जरूर यहां अभी कुछ उम्मीदें जगाए रखी हैं लेकिन उसकी उपस्थिति दोनों गठबंधनों की सेहत पर इसलिए फर्क डालती नहीं दिख रही है क्योंकि ओवैसी ने सीमांचल की मात्र छह सीटों पर ही लड़ने की घोषणा की है इसलिए ओवैसी को लेकर दोनों ही ओर कोई खास चिंता नहीं हैं।