नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार को आतंकियों के लिए पनाहगाह बनाने की टिप्पणी को खारिज करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुजरात व देश के अन्य हिस्सों में होने वाली हिंसक गतिविधियों पर सवाल खड़े किए हैं।
नीतीश ने भाजपा के पीएम उम्मीदवार ने पलटवार करते हुए कहा, ‘किसी भी तरह की आतंकी घटना चिंता की बात है।
लेकिन अगर एक या दो घटनाओं के आधार पर बिहार को आतंकियों के लिए स्वर्ग कहा जा रहा है, तो उन घटनाओं के बारे में क्या कहेंगे जो गुजरात व देश के अन्य हिस्सों में हो रही हैं?’
आतंकवाद के नाम पर राजनीति बेहद शर्मनाक
जदयू के वरिष्ठ नेता ने दावा किया, ‘हर कोई जानता है कि पटना की फ्लॉप रैली में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों का फायदा किसे हुआ। अगर यह दुर्भाग्यजनक घटना नहीं होती, तो भला मीडिया इस रैली की कवरेज करती। कुछ लोग हर चीज को सांप्रदायिकता के चश्मे से ही देखते हैं।’
यहां एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने कहा कि उनकी सरकार ने बोधगया में हुए आतंकी हमले और पिछले साल 27 अक्तूबर को भाजपा रैली में हुए बम धमाकों को चुनौती के रूप में लिया और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए। उन्होंने कहा, ‘मगर चुनाव पास होने पर आतंकवाद के नाम पर राजनीति करना बेहद शर्मनाक है।’
कांग्रेस के साथ नहीं करेंगे गठजोड़
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में कांग्रेस और जनता दल यूनाइटेड के बीच गठबंधन की अटकलबाजियों को खारिज कर दिया है। नीतीश कुमार ने साफ कहा है कि जनता दल यूनाइटेड का कांग्रेस के साथ गठजो़ड़ नहीं हो सकता है।
आखिरी वक्त पर भी बिहार को खास राज्य का दर्जा देने के का फैसला इस गठबंधन का रास्ता साफ नहीं कर सकता।
नीतीश ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड का कांग्रेस के साथ गठजोड़ की खबरें निराधार है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। आने वाले चुनाव में कांग्रेस और जनता दल यूनाइटेड के गठजोड़ का सवाल ही पैदा नहीं होता। कांग्रेस और लालू के नेतृत्व वाला राजद ही स्वाभाविक सहयोगी हैं।
राजद से मतलब नहीं
उनके बीच सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है या नहीं यह सोचना हमारा काम नहीं है। हमारा इससे कोई लेनादेना नहीं है।
यहां सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने कहा कि आने वाले चुनाव में उनकी पार्टी का गठजोड़ भाकपा और माकपा से ही रहेगा। भाकपा के साथ सीटों के तालमेल पक्का हो गया है जबकि माकपा के साथ यह जारी है।
हालांकि उन्होंने सीटों का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसके बारे में जल्द ही बताया जाएगा। तीसरे मोर्चे पर मोदी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि तकलीफ उसी को लेकर है।
नरेंद्र मोदी की ओर से पिछड़ा कार्ड खेले जाने के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि जयप्रकाश नारायण, चौधरी चरण सिंह और वीपी सिंह जैसे लोग पिछड़ी जाति में पैदा नहीं हुए थे लेकिन वे उनके हितों के लिए लड़ते रहे।