बिहार के मुख्यमंत्री व जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के संदर्भ में कहा है कि पीके चुनावी अभियान में रणनीति बनाते हैं। उनकी कंपनी यह काम करती है। पार्टी को उनकी कंपनी के कार्यकलाप से कोई लेना देना नहीं है। प्रशांत को जो जिम्मेदारी जदयू से मिली है, उसे वो अपने ढंग से पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को होने वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रशांत किशोर शिरकत करेंगे।
प्रशांत किशोर की ममता बनर्जी से मुलाकात पर नीतीश ने कहा कि वे इस मामले पर खुद ही बोलेंगे। उनके अन्य दलों के लिए काम करने से मीडिया में भ्रम की स्थिति बन रही है। ऐसे में वे इस पर सफाई जरूर देंगे। नीतीश ने कहा कि यह सत्य है कि वह जदयू के सदस्य हैं लेकिन वो अलग-अलग नेताओं के लिए काम करते रहते हैं। हाल ही में आंध्र प्रदेश के चुनाव में भी काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके इन कार्यों से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है।
जदयू एनडीए के साथ : नीतीश
मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि यह अध्याय बंद हो चुका है। हम पूरे मजबूती के साथ एनडीए के साथ हैं, लेकिन सांकेतिक प्रतिनिधित्व आज भी स्वीकार्य नहीं है। भाजपा के पास पूर्ण बहुमत की सरकार है और सरकार में शामिल होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में कहा कि जदयू और भाजपा में मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।