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'जिस पार्टी में जाना है जाएं' नीतीश की दो टूक पर पवन वर्मा ने फिर किया पलटवार

Thu, 23 Jan 2020 01:05 PM IST
Sneha Baluni एएनआई, पटना
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नीतीश कुमार-पवन वर्मा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook/ANI
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बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पूर्व राज्यसभा सदस्य पवन वर्मा को लिखे पत्र को सार्वजनिक किए जाने पर फटकार लगाते हुए कहा कि जहां जाना है वहां जाएं कोई ऐतराज नहीं। पवन वर्मा को लिखे पत्र में नीतीश से उनकी बातचीत की चर्चा है, जिसे सार्वजनिक किया गया है।

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नीतीश ने गुरुवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पवन के बारे में कहा 'जहां जाना है वहां जाएं इस पर कोई ऐतराज नहीं है लेकिन आप एक बात अच्छी तरह जान लीजिए जदयू को समझने की कोशिश करें। कुछ लोगों के बयान से जदयू को मत देखिए।'

उन्होंने कहा, ‘जदयू बहुत ही दृढ़ता के साथ अपना काम करती है और कुछ चीजों पर हम लोगों का जो अपना रुख होता है वह बहुत ही साफ होता है। एक भी चीज के बारे में हमें कोई भ्रम नहीं रहता लेकिन अगर किसी के मन में कोई बात है तो आकर विमर्श करना और बातचीत करनी चाहिए। उसके लिए अगर जरूरी समझें तो पार्टी की बैठक में चर्चा करनी चाहिए। लेकिन इस तरह का व्यक्तव्य देना... आप खुद देख लीजिए... आश्चर्य की बात है कि आप किस तरह का व्यक्तव्य दे रहे हैं कि हमसे क्या बात करते थे। अब हम कहेंगे कि हमसे क्या बात करते थे। यह कोई तरीका है। इन बातों को छोड़ दीजिए मुझे फिर भी सम्मान है और इज्जत है लेकिन उनको जहां अच्छा लगे जाएं। मेरी शुभकामना है।’
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पवन ने नीतीश को लिखे दो पृष्ठों के अपने पत्र को टि्वटर पर साझा करते हुए बुधवार को कहा कि उक्त पत्र के माध्यम से उन्होंने पूछा था कि विभाजनकारी सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बावजूद जदयू ने दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा के साथ कैसे गठबंधन किया। 

 


पार्टी अपनी विचारधारा स्पष्ट करे: पवन वर्मा

नीतीश की फटकार पर पवन वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं नीतीश कुमार के बयान का स्वागत करता हूं कि पार्टी में चर्चा के लिए जगह है। इसकी ही मैंने मांग की थी। मेरा इरादा कभी भी उन्हें चोट पहुंचाने का नहीं था। मैं चाहता हूं कि पार्टी अपनी विचारधारा को स्पष्ट करे। अपने पत्र के जवाब का इंतजार कर रहा हूं। इसके बाद आगे की कार्रवाई का फैसला लूंगा।'

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पार्टी अध्यक्ष से दिल्ली में भाजपा के साथ गठबंधन पर पूछे थे सवाल

पत्र में वर्मा ने लिखा है कि एक से अधिक अवसरों पर आपने भाजपा-आरएसएस को लेकर अपनी गंभीर आशंकाएं व्यक्त की हैं। अगर ये आपके वास्तविक विचार हैं, तो मैं यह समझने में असफल हूं कि जेडीयू अब बिहार से परे भाजपा के साथ अपना गठबंधन कैसे बढ़ा रहा है, जब लंबे समय तक भाजपा की सहयोगी रही अकाली दल ने भी ऐसा करने से इनकार कर दिया है।

कौन हैं पवन वर्मा

पवन कुमार वर्मा का जन्म पांच नवंबर, 1953 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। वह भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। जनवरी 2013 में विदेश सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सांस्कृतिक सलाहकार रह चुके हैं। 2014 से 2016 के बीच वह राज्यसभा सांसद रहे हैं। वर्तमान में वह जेडीयू के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वह दिल्ली में रहते हैं और एशियन एज, टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए लेख लिखते हैं।

क्या कहीं और मिलेंगे वैचारिक रूप से कंगाल ऐसे दुर्लभ नेता: तेजस्वी यादव

वहीं जेडीयू के बीच जारी खींचतान पर विपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'आदरणीय नीतीश कुमार जी ऐसे नेता व ऐसी पार्टी के अध्यक्ष है जिनकी विचारधारा व वैचारिक दृष्टि की स्पष्टता उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ विद्वान नेताओं को मालूम नहीं है। आम जनता और कार्यकर्ताओं को तो छोड़ ही दिजीए। क्या वैचारिक रूप से कंगाल ऐसे दुर्लभ नेता और पार्टी कहीं और मिलेंगे?

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