सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का बिहार सरकार में मंत्री शाहिद अली खान के इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकियों से संबंध होने का शक जताने का मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है।
मामले से निपटने के केंद्रीय एजेंसी के तौर तरीकों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सवाल खड़े किए हैं। खुद को इसकी जानकारी नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए मामले की जांच का आदेश भी दिया है।
इस मसले पर एक सवाल के जवाब में कुमार ने पूछा कि आखिर एसएसबी ने किस स्रोत की जानकारी के आधार पर खुद ही मामले को संज्ञान में ले लिया और बिहार में एसटीएफ को इसकी पुष्टि के लिए पत्र लिख डाला।
IM के आतंकियों के साथ बताए थे संबंध
बिहार पुलिस ने शुक्रवार को कहा था कि उसे एसएसबी की तरफ से एक पत्र मिला था, जिसमें प्रदेश सरकार में मंत्री शाहिद अली खान के इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकियों जमील अख्तर और मंसूर साईं के साथ संबंध होने का शक जताया था और इसकी जांच कराने को कहा था।
इसके बाद विशेष कार्यबल का गठन कर मोतिहारी और सीतामढ़ी के एसपी ने जांच कराई, जिसमें आरोपों को गलत पाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री पर आईएम आतंकियों के साथ संबंध होने संबंधी आरोपों के बारे में एसएसबी को मिली जानकारी की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच की जानी चाहिए।
नीतीश ने जाहिर की नाराजगी
इस जानकारी को एक प्रक्रिया के जरिए बढ़ाया जाना चाहिए था। उन्होंने एसएसबी के इस मामले से निपटने के तरीके पर सख्त नाराजगी प्रकट की।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच पहले उच्च एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए थी और उसके बाद इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मीडिया के एक मित्र के जरिए होने पर निराशा जताई।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए डीजीपी और गृहसचिव को निर्देश दिए गए हैं। कुमार ने अपने मंत्री पर हमलावर भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि लगता है कि भाजपा नेता मानसिक रूप से अस्वस्थ हो चुके हैं।
बिहार में अल्पसंख्यको के लिये असहज स्थिति: कांग्रेस
बिहार प्रदेश कांग्रेस ने आज कहा कि राज्य की नीतीश सरकार में अल्पसंख्यकों के लिये असहज स्थिति पैदा हो गयी है और इसी का परिणाम है कि इस वर्ग से आने वाले मंत्री सरकार की कार्यशैली से परेशान होकर पार्टी से इस्तीफा देने या लोगों की नजरों में संदेह के घेरे में आ जाते है।
पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शाहिद अली खां पर लगे आरोपो की जांच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तत्काल करा कर जनता को सच्चाई से अवगत कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खां के मामले पर राज्य पुलिस मुख्यालय का रवैया काफी हद तक अल्पसंख्यको को संदेह के घेरे में डालने वाला प्रतीत होता है।