नीतीश की नई कैबिनेट में पिछली कैबिनेट के मुकाबले सवर्ण मंत्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, वहीं प्रमंडलीय स्तर पर पटना की हिस्सेदारी बढ़ी है। प्रमंडलवार देखें तो नीतीश कैबिनेट में पटना से सात, मुंगेर से छह, दरभंगा-तिरहुत से चार, कोसी-पूर्णिया से तीन, मगध से दो और भागलपुर-सारण से एक-एक सदस्य शामिल किए गए हैं।
पिछली कैबिनेट के मुकाबले नीतीश की नई कैबिनेट जातिगत आधार पर काफी बदली हुई है। कैबिनेट इस बार पिछड़ा समाज से दस, अति पिछड़ा से 6, अनुसूचित से 5, भूमिहार से 3, राजपूत और ब्राहमण से 2, मुस्लिम से 1 जबकि महिला की हिस्सेदारी भी महज एक ही दी गई है। नई कैबिनेट में सवर्ण मंत्रियों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन कायस्थ समाज को हिस्सेदारी नहीं मिल सकी है।
महागठबंधन की सरकार में लालू प्रसाद ने राजद से किसी भी सवर्ण को मंत्री नहीं बनाया था। महागठबंधन की सरकार में सवर्ण मंत्रियों की कुल संख्या चार थी, लेकिन नई सरकार में चार से बढ़कर सात हो गई है। भूमिहार समाज से जदयू के ललन सिंह फिर से मंत्री बने हैं, जबकि इसी जाति से भाजपा ने विजय कुमार सिन्हा और सुरेश शर्मा को पहली बार मंत्री बनवाया है।