NIA का मोस्ट वांटेड पीएफआई सदस्य याकूब उर्फ सुल्तान उस्मान खान
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सांप्रदायिक दंगे फैलाने के लिए मंगाए थे हथियार
सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम ने पीएफआई का ट्रेनिंग कैंप चलाने वाले सुल्तान उस्मान खान उर्फ याकूब से पूछताछ की थी। उसमें याकूब ने बताया था कि मोतिहारी में एक घटना को अंजाम देकर सांप्रदायिक दंगा फैलाने की साजिश थी। उसके तहत हथियार मंगवाए गए थे। उनमें से एक पिस्तौल साजिद रेजा के पास रखी थी। उसके बाद एनआईए की टीम याकूब को अपने साथ लेकर शुक्रवार की रात मोतिहारी पहुंची। जहां मोतिहारी एसपी से संपर्क करने के बाद चकिया थाना पुलिस की मदद से ऑफीसर कॉलोनी में छापेमारी की। जहां से साजिद रेजा और मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया। तीनों को एक साथ रखकर एनआईए की टीम ने घंटों पूछताछ की। उसके बाद याकूब को एनआईए की टीम अपने साथ लेकर पटना वापस लौट गई। साजिद को भी साथ ले गई। जबकि मोहम्मद कैफ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।
NIA ने पांच और ATS की टीम दो बार की छापेमारी
पीएफआई से जुड़े सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए और एटीएस की टीम लगातार मोतिहारी के चकिया और मेहसी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर रही है। पहली बार पीएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए की टीम ने चकिया थाना क्षेत्र में कुआवा गांव के बबलू के घर पर 28 जुलाई 2022 को छापेमारी की थी। उसके बाद चार फरवरी को दूसरी बार, 20 फरवरी को तीसरी बार, 17 मार्च को एटीएस की चौथी बार, 25 अप्रैल को पांचवी बार, 19 जुलाई को छठी बार छापेमारी की। उसी में ट्रेनिग कैंप चलाने वाले याकूब को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। सातवीं बार पांच अगस्त याकूब को लेकर चकिया पहुंची। उसकी निशानदेही पर साजिद रेजा के साथ मो. कैफ को गिरफ्तार किया है।