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चुनाव के साथ नया गणित: विधान परिषद में एनडीए का पलड़ा भारी, महागठबंधन 18 सीटों पर सिमटा

Thu, 29 Oct 2026 06:41 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए की सदस्य संख्या बढ़कर 49 हो जाएगी, जबकि महागठबंधन 18 सीटों पर सिमट जाएगा। राजद को पटना शिक्षक सीट पर जीत मिली। सदन में दो सगे भाई भी एक साथ प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

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भाजपा का झंडा - फोटो : ANI
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विस्तार
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बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद 75 सदस्यीय उच्च सदन में एनडीए का पलड़ा भारी हो गया है। एनडीए की सदस्य संख्या बढ़कर 49 पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक सीट जीतने के बावजूद महागठबंधन की कुल सदस्य संख्या घटकर 18 रह जाएगी। 16 नवंबर को प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने के बाद यह नया दलीय समीकरण लागू हो जाएगा।

एनडीए ने बनाई बढ़त

इस चुनाव में चार निवर्तमान प्रतिनिधियों को हार का सामना करना पड़ा है। पराजित होने वाले सदस्यों में भारतीय जनता पार्टी के नवल किशोर यादव, निर्दलीय आफाक आलम, कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा और भाकपा के प्रोफेसर संजय कुमार सिंह शामिल हैं। चुनाव में जदयू और भाजपा ने चार-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। जदयू ने पटना स्नातक सीट बचा ली, लेकिन तीन सीटें गंवा दीं। भाजपा ने पटना शिक्षक सीट गंवाने के बावजूद तिरहुत शिक्षक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक की तीन सीटें जीतकर बढ़त हासिल की। दो सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं। इनमें भाजपा से बगावत करने वाले राहुल राज और जन सुराज से अलग हुए वंशीधर ब्रजवासी शामिल हैं।

महागठबंधन का बदला गणित

पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार ने जीत दर्ज करके अपनी पार्टी का परचम लहराया है। इस जीत के साथ उच्च सदन में राजद के सदस्यों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। हालांकि महागठबंधन में शामिल कांग्रेस दो सीटों से घटकर एक सीट पर सिमट गई है और भाकपा का खाता शून्य हो गया है। भाकपा (माले) की शशि यादव और कांग्रेस के एक सदस्य को मिलाकर महागठबंधन के कुल सदस्यों की संख्या अब 18 ही रहेगी। इस तरह राजद की ताकत बढ़ने के बावजूद समग्र रूप से महागठबंधन को एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है।

सदन में दो सगे भाई

विधान परिषद में अब दो सगे भाई एक साथ प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। पूर्व मंत्री आरएन सिंह के पुत्र डॉ. संजीव कुमार राजद से और उनके सगे भाई राजीव कुमार कांग्रेस के एकमात्र सदस्य के रूप में सदन में मौजूद रहेंगे। इससे पहले बिहार विधानसभा में 2015 और 2020 के चुनाव के दौरान लालू प्रसाद के दो पुत्र तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव एक साथ विधायक चुने गए थे। वर्ष 2025 में तेज प्रताप के पराजित होने के बाद अब उच्च सदन में यह अनोखा संयोग दोहराया जा रहा है।

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