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हनीट्रैप: सैन्य गतिविधियों को पाकिस्तान से साझा कर रहे थे बिहार के दो लोग; संविदा सैनिक से कैसे ले रहा था मदद?

Tue, 06 Oct 2026 09:29 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी

सार

मोतिहारी निवासी अभिषेक कुमार सिंह को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में असम पुलिस की एसटीएफ ने गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। सेना की गजराज इंटेलिजेंस यूनिट और केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट पर हुई कार्रवाई में उसके पास से मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है।
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गिरफ्तार अभिषेक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोतिहारी के रहने वाले अभिषेक कुमार सिंह को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। सेना की गजराज इंटेलिजेंस यूनिट और केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने सतगांव (गांधीनगर) इलाके में स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर अभिषेक को पकड़ा। उसकी गिरफ्तारी के बाद बिहार से लेकर असम तक सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क के संपर्क में होने का आरोप

पुलिस के अनुसार, अभिषेक कुमार सिंह पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (पीआईओ) और आईएसआई नेटवर्क के संपर्क में था। उस पर भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसने सेना के जवानों की गतिविधियों और मूवमेंट के साथ-साथ संवेदनशील रक्षा ढांचे से जुड़ी गोपनीय जानकारी भी साझा की।

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क, हनीट्रैप का एंगल

इस मामले में हनीट्रैप का एंगल भी सामने आया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि अभिषेक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था और हनीट्रैप का शिकार हुआ। हालांकि, इस नेटवर्क में उसकी वास्तविक भूमिका और उसके संपर्कों की पूरी जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।

मोबाइल, सिम कार्ड और संवेदनशील दस्तावेज बरामद

एसटीएफ की छापेमारी के दौरान अभिषेक के पास से मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील एवं प्रतिबंधित दस्तावेज बरामद किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए हुए संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही बरामद दस्तावेजों की जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

बेगूसराय का पूर्व सैनिक भी गिरफ्तार

इस मामले में बेगूसराय निवासी 39 वर्षीय रितेश कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, रितेश सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अनुबंध पर काम कर रहा था और उसने अभिषेक की मदद की थी। दोनों के बीच संपर्क और उनकी भूमिका की जांच जारी है।

केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है जांच

मामले की अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने की तैयारी है। इधर, मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मोतिहारी पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। अभिषेक के स्थानीय और स्थायी पते का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मोतिहारी पुलिस असम पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के लगातार संपर्क में है।

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