छापेमारी करती निगरानी विभाग की टीम
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पूर्वी चम्पारण जिले में सुबह 10 बजे निगरानी विभाग ने एक बड़े छापेमारी अभियान की शुरुआत की, जिससे पूरे प्रशासनिक विभागों में हड़कंप मच गया। सभी अधिकारी और कर्मचारी यह पता लगाने में जुट गए कि किसके यहां छापेमारी हो रही है। थोड़ी ही देर में यह स्पष्ट हो गया कि यह अभियान सुरसंड प्रखंड के बीडीओ कृष्णा राम के खिलाफ चलाया जा रहा है।
पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
निगरानी विभाग की टीम ने बीडीओ कृष्णा राम के पांच संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसमें सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड स्थित उनका कार्यालय और आवास, मोतिहारी के राजा बाजार स्थित किराए के मकान, शंकर सरैया स्थित उनका पैतृक आवास और पटना में उनका फ्लैट शामिल था।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
निगरानी विभाग में बीडीओ कृष्णा राम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज था। अमर उजाला से बातचीत में निगरानी विभाग के डीएसपी नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला 5 मार्च 2026 को निगरानी थाना में कांड संख्या 29/26 के तहत दर्ज किया गया था। आज की कार्रवाई इसी मामले की पड़ताल के लिए की गई।
शुरुआती जांच में करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले
छापेमारी के दौरान टीम को कई जरूरी दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनकी जांच जारी है। शुरुआती पड़ताल में यह भी सामने आया कि बीडीओ कृष्णा राम ने 21 भूखंड खरीदे हैं। इसके अलावा, पटना में फ्लैट और विभिन्न बैंकों में निवेश के कागजात भी मिले हैं।
छापेमारी टीम और आगे की कार्रवाई
छापेमारी में निगरानी पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार और उपाधीक्षक रचित नाथ शामिल रहे। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी कदम उठाएगा। यह छापेमारी पूर्वी चम्पारण जिले में सरकारी अधिकारियों में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति रखने के मामलों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।