पश्चिम चंपारण में विहिप ने किया प्रदर्शन
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संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पश्चिम चंपारण ने कड़ी आपत्ति जताई है। विहिप के जिला मंत्री रमण गुप्ता ने इसे सनातन संस्कृति, पूज्य साधु-संतों और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए इसकी निंदा की है।
संसद में हुए प्रदर्शन को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
रमण गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अन्य सांसदों द्वारा संतों के पवित्र वेश का राजनीतिक प्रदर्शन के लिए उपयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति में त्याग, तप, संयम और लोककल्याण का प्रतीक रहा है। ऐसे पूजनीय स्वरूप का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना सभी राजनीतिक दलों का अधिकार है, लेकिन धार्मिक प्रतीकों, संत वेश और आस्था का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं हो सकता। संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और संत परंपरा की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
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देश की धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने की अपील
रमण गुप्ता ने कहा कि सनातन परंपरा में संत वेश केवल वस्त्र नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, संयम और समाज सेवा का प्रतीक है। इसलिए इसके राजनीतिक उपयोग को संत समाज और सनातन श्रद्धालुओं ने गंभीरता से लिया है। इस अवसर पर विभाग मंत्री नीरज कुमार, सह मंत्री सोनू कुमार, महंत कृष्णा दास, फलाहारी बाबा, उमेश त्रिपाठी, संजय बाबा, धनंजय शर्मा, विनय कुमार, सुजीत सोनी, जितेंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में संत समाज एवं विहिप कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग का विरोध करते हुए सभी राजनीतिक दलों से सनातन संस्कृति, संत समाज और देश की धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने की अपील की।