वैशाली जिले के कटहरा थानाक्षेत्र के बस्ती सर्सिकन गांव में 22 वर्षीय रोशन कुमार की निर्मम हत्या के 20 दिन बाद भी पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। न्याय की आस में दर-दर भटकते रोशन के पिता राकेश राय ने अंततः महुआ पुलिस अनुमंडल कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया है। बीते 30 अक्तूबर की रात बदमाशों ने रोशन को घर से बुलाकर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। रोशन बीसीए का छात्र था और परिवार का इकलौता बेटा था, जिससे पिता को भविष्य की तमाम उम्मीदें थीं।
हत्या के बाद पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में
हत्या के तुरंत बाद परिजनों ने महुआ गांधी चौक पर जाम लगाकर विरोध जताया था। महुआ डीएसपी सौरभ सुमन के आश्वासन पर जाम खत्म किया गया था। लेकिन 20 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित परिवार ने बार-बार कटहरा थाना और केस इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर से संपर्क किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला।
जब मृतक के पिता ने डीएसपी से शिकायत की, तो उन्होंने थाना अध्यक्ष और इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने बौखलाहट में पीड़ित परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। पुलिस के इस रवैये से हताश परिवार को अब न्याय की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं।
धरने पर बैठे पिता का दर्द
रोशन के पिता राकेश राय ने कहा कि एक ही बेटा था, जिसे बड़े सपने और उम्मीदों के साथ पढ़ा रहा था। वह हमारे बुढ़ापे का सहारा बनने वाला था। त्योहार में घर आया तो बदमाशों ने चाकू मारकर उसकी जान ले ली। पुलिस से न्याय मांगता हूं, तो धमकियां मिलती हैं। ऐसे में कहां जाऊं?
परिवार का संघर्ष और पुलिस पर सवाल
हत्या के इतने दिन बाद भी पुलिस की सुस्त कार्रवाई ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। परिवार ने डीएसपी सौरभ सुमन से गुहार लगाई थी। लेकिन मामले की जांच में लापरवाही और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धरने के दौरान परिवार के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनके बेटे को न्याय नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। रोशन के पिता के साथ गांव के लोग भी उनके समर्थन में सामने आए हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गौरतलब है कि 22 वर्षीय रोशन अपने परिवार का इकलौता बेटा था। माता-पिता ने उसे उच्च शिक्षा दिलाने के लिए कर्ज लिया और उसे पढ़ाई के लिए बाहर भेजा। लेकिन त्योहार के समय घर लौटने पर रोशन की जिंदगी खत्म कर दी गई। परिवार ने कहा कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही ने उन्हें न्याय से वंचित कर दिया है। जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाता है, तो उन्हें धमकियां मिलती हैं।
क्या कह रही है पुलिस?
महुआ डीएसपी सौरभ सुमन ने बताया कि मामले की जांच तेज कर दी गई है। दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अभी तक ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। वहीं, रोशन की हत्या ने इलाके में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।