वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के मिर्जा नगर में बीते देर रात सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना महुआ थाने की पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घटनास्थल से घायल की बाइक बरामद हुई। लोगों ने बताया कि घायल को अस्पताल भेज दिया गया है, जिसके बाद पुलिस बाइक जब्त कर थाने ले आई।
परिजनों को नहीं मिली समय पर सूचना
घटना के बाद किसी ने घायल के परिजनों को सूचना नहीं दी। परिजन लगातार उसकी खोजबीन करते रहे और इसी क्रम में महुआ थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने बताया कि देर रात सड़क दुर्घटना हुई है और घायल को अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है। परिजन जब अनुमंडल अस्पताल पहुंचे तो वहां मृतक नहीं मिला।
सदर अस्पताल में हुई पहचान
खोजबीन के दौरान परिजन सदर अस्पताल पहुंचे, जहां व्यक्ति मृत अवस्था में मिला। मृतक की पहचान महुआ थाना क्षेत्र के करीयो गांव निवासी शिवलाल राम के 37 वर्षीय पुत्र जितेश राम के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार जितेश ने मंगलवार दोपहर अपनी पत्नी से बात कर कहा था कि वह टिकट बनवाने जा रहा है, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटा।
दरअसल, जितेश राम चेन्नई में रहकर स्टील फैक्टरी में काम करते थे और करीब एक माह पहले घर आए थे। उनके 14 वर्षीय पुत्र के दिल में छेद है, जिसके इलाज के लिए रायपुर जाने के लिए टिकट कटाने की बात कहकर वह घर से निकले थे।
घायल को किसने उठाया, इस पर सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि सड़क हादसे के बाद घायल जितेश को सड़क से उठाकर कौन लोग ले गए। पुलिस के पहुंचने से पहले घायल को अस्पताल ले जाने की बात सामने आई, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। संदेह जताया जा रहा है कि कहीं किसी निजी अस्पताल से जुड़े लोग तो घायल को अपने यहां नहीं ले गए।
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सदर अस्पताल में संदिग्ध गतिविधि का आरोप
परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक एंबुलेंस सदर अस्पताल पहुंची, जिसमें चार लोग सवार थे। पहले से मौजूद एक व्यक्ति ने स्ट्रेचर लाकर जितेश को एंबुलेंस से उतारा और इमरजेंसी के पास रखा। कुछ देर बाद एंबुलेंस पोस्टमार्टम हाउस के पास खड़ी हुई और पर्चा काटने का बहाना बनाकर सभी लोग फरार हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड मूकदर्शक बने रहे और किसी ने भी इन लोगों को रोकने की कोशिश नहीं की। घटना के सामने आने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।