तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उपचुनाव में जन सुराज पार्टी ने भी अपना प्रत्याशी उतार दिया है। शहर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारियों ने चर्चित चिकित्सक और पूर्व एमएलसी रामकुमार सिंह के पुत्र डॉ. विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की। यहां विनायक गौतम का मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशियों से होगा।
गौरतलब है कि डॉ. विनायक गौतम इससे पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपचुनाव में उतर चुके हैं। वह क्षेत्र के मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों में सक्रिय प्रचार-प्रसार कर चुके हैं। अब जन सुराज का समर्थन मिलने के बाद चुनावी समीकरण में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
NDA और महागठबंधन के लिए चुनौती
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पहले से ही NDA और महागठबंधन के उम्मीदवार मैदान में हैं। JDU ने NDA के तहत प्रवक्ता अभिषेक झा को टिकट दिया है, जबकि महागठबंधन ने RJD के गोपी किशन को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब जन सुराज के मैदान में उतरने से यह मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है।
विनायक गौतम ने किया समाज सेवा का वादा
प्रत्याशी डॉ. विनायक गौतम ने नामांकन की घोषणा के दौरान कहा कि मैं राजनीति करने नहीं, समाज सेवा के लिए आया हूं। अगर जनता का विश्वास जीतता हूं, तो मैं अपना वेतन और सरकारी सुविधाएं नहीं लूंगा। मेरा उद्देश्य धनबल पर नहीं, जनबल पर चुनाव लड़ना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह उपचुनाव में उनको समर्थन देकर एक नई शुरुआत का हिस्सा बने।
15 से अधिक उम्मीदवार मैदान में
इस बार तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 15 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जन सुराज के प्रवेश के बाद यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. विनायक गौतम की सामाजिक छवि और उनकी स्पष्ट घोषणाएं उन्हें एक अलग पहचान दे सकती हैं। उनके द्वारा समाज सेवा और पारदर्शिता पर जोर देने से स्नातक मतदाताओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
क्षेत्र में प्रचार तेज करने की योजना
डॉ. गौतम ने अपने प्रचार को और तेज करने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि वे स्नातक मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वह चुनाव को समाज सेवा के एक माध्यम के रूप में पेश करेंगे।