मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड के बेतिया-मझौलिया सेक्शन के दोहरीकरण कार्य ने महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ रेलखंड का अंतरिम निरीक्षण कर ट्रैक, सिग्नल प्रणाली, इंटरलॉकिंग, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेशन परिसर और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया।
मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड के बेतिया-मझौलिया सेक्शन के दोहरीकरण कार्य ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ इस रेलखंड का अंतरिम निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रैक, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई। इसके बाद 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी किया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण सफल रहने के बाद इस दोहरी रेल लाइन पर जल्द ही नियमित ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
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सीआरएस ने सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का किया गहन परीक्षण
दोहरीकरण कार्य की प्रगति का आकलन करने के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ बेतिया-मझौलिया रेलखंड का अंतरिम निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलखंड की सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई, ताकि नियमित परिचालन शुरू करने से पहले सभी मानकों का परीक्षण किया जा सके।
डीआरएम ने ट्रॉली से किया ट्रैक का निरीक्षण
निरीक्षण को लेकर रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा 11 ट्रॉलियों के काफिले के साथ बेतिया से ट्रैक का निरीक्षण करते हुए मझौलिया स्टेशन पहुंचे। इस दौरान ट्रैक, सिग्नल प्रणाली, इंटरलॉकिंग व्यवस्था, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेशन परिसर, पैनल रूम और अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने अंतिम तैयारियों का भी जायजा लिया।
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मझौलिया स्टेशन पर दो घंटे से अधिक चला निरीक्षण
मझौलिया स्टेशन पर कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने करीब दो घंटे 33 मिनट तक निरीक्षण किया। इसके बाद सीआरएस स्पेशल ट्रेन स्पीड ट्रायल के लिए बेतिया की ओर रवाना हुई।
120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ स्पीड ट्रायल
स्पीड ट्रायल के दौरान विशेष ट्रेन को लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। इस दौरान ट्रैक की मजबूती, स्थिरता और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया, ताकि दोहरी रेल लाइन पर सुरक्षित और सुचारु परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।
निरीक्षण और स्पीड ट्रायल को देखते हुए पूरे दिन इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बंद रखा गया, ताकि परीक्षण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि निरीक्षण और स्पीड ट्रायल की सभी रिपोर्ट संतोषजनक रहती हैं, तो बेतिया-मझौलिया दोहरी रेल लाइन पर जल्द ही नियमित ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। रेलवे का मानना है कि दोहरीकरण कार्य पूरा होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा और इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर सुरक्षा भी पहले से अधिक मजबूत होगी।