बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को वैशाली जिले के राघोपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि राघोपुर की जनता ने पिछले 10 साल से उन पर भरोसा जताया है। इससे पहले उनके माता-पिता को भी जनता का आशीर्वाद मिला था, इसलिए इस बार भी उन्हें सेवा करने का एक और मौका दिया जाए।
सभा के दौरान तेजस्वी यादव ने एनडीए प्रत्याशी सतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी लड़ाई सतीश कुमार से नहीं है, बल्कि उन “बाहरी लोगों” से है जो राघोपुर पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राघोपुर में केवल ‘लालटेन’ (राजद का चुनाव चिह्न) ही जलेगा।
तेजस्वी यादव ने अपनी पिछली 17 महीने की सरकार का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने उस दौरान 5 लाख युवाओं को नौकरी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बार उम्मीदवार तक नहीं मिल रहा है, जबकि एनडीए ने सतीश कुमार को फिर से टिकट दिया है।
जनसभा में तेजस्वी यादव ने राघोपुर में एक डिग्री कॉलेज स्थापित करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि यह कार्य विधायक और मुख्यमंत्री दोनों स्तर पर संभव होगा। तेजस्वी ने अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो कोई भी अधिकारी राघोपुर की जनता से अहंकार में (‘तेतीयां’) बात नहीं करेगा, बल्कि सम्मान से कुर्सी छोड़कर खड़ा होगा।
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राजद नेता ने यह भी साफ किया कि किसी अधिकारी को रिश्वत लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी, और ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। तेजस्वी यादव ने इस दौरान एनडीए प्रत्याशी सतीश कुमार को भी अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि अगर राजद की सरकार बनी तो सतीश कुमार को उचित पद दिया जाएगा। साथ ही तेजस्वी ने अपने कार्यकर्ताओं से वादा किया कि सभी को संगठन में किसी न किसी रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह दलित समाज और सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलेंगे और समाज के हर तबके को जोड़कर काम करेंगे।