पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड स्थित कैथवलिया गांव में एक ऐतिहासिक धार्मिक क्षण आने वाला है। राम जानकी पथ पर निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को की जाएगी। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
हेलीकॉप्टर से होगा जलाभिषेक और पुष्पवर्षा
शिवलिंग की स्थापना के बाद विशेष रूप से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जलाभिषेक और पुष्पवर्षा की जाएगी। जलाभिषेक के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, काशी और प्रयाग से पवित्र जल मंगवाया गया है। आयोजन को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
210 टन वजनी और 33 फीट ऊंचा शिवलिंग
विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित होने वाला यह शिवलिंग 210 टन वजनी और 33 फीट ऊंचा है। इसके निर्माण में लगभग 10 वर्षों का समय लगा है। शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम के कुशल शिल्पकारों द्वारा किया गया है। इसे पेडेस्टल पर स्थापित करने के लिए भोपाल से 750 टन क्षमता वाले दो विशाल क्रेन मंगवाए गए हैं।
मुख्यमंत्री के आगमन की संभावना
शिवलिंग स्थापना समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। विराट रामायण मंदिर के सचिव ललन सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी मुस्तैदी से की जा रही हैं। देशभर से साधु-संतों और विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। बुधवार को डीआईजी हरिकिशोर राय, डीएम सौरव जोरवाल, एसपी और डीएसपी संतोष कुमार कैथवलिया ने स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
विराट रामायण मंदिर का भव्य स्वरूप
कैथवलिया गांव में विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। इस मंदिर का शिलान्यास जून 2012 में धार्मिक न्यास बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय किशोर कुणाल ने किया था। महावीर मंदिर ट्रस्ट, पटना द्वारा लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से 120 एकड़ भूमि में मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके 2030 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
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अयोध्या से तीन गुना बड़ा, अंकोरवाट से भी ऊंचा
यह मंदिर 270 फीट ऊंचा, 540 फीट चौड़ा और 1080 फीट लंबा होगा। इसमें कुल 12 शिखर होंगे, जिनमें मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी। कैथवलिया का विराट रामायण मंदिर अयोध्या राम मंदिर से तीन गुना बड़ा और कंबोडिया के अंकोरवाट से ऊंचाई में दोगुना बताया जा रहा है। मंदिर परिसर में 3 लाख 76 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में तीन मंजिला संरचना तैयार की जा रही है।
मंदिर का निर्माण टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर और सेंटेक इंफ्रा सॉल्यूशन द्वारा कराया जा रहा है। कुल 22 मंदिरों और 12 शिखरों से युक्त यह भव्य धार्मिक परिसर आने वाले समय में बिहार को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की उम्मीद रखता है।