पीड़ित युवक राजन कुमार तथा डॉक्टर का लिखा हुआ जांच का पर्चा
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बिहार स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक अजीबोगरीब घटना सीतामढ़ी के सदर अस्पताल में सामने आई है, जिसने चिकित्सा क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पैर दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे एक युवक को डॉक्टर ने पैर की जांच के बजाय हाथ का एक्स-रे कराने के लिए लिख दिया। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक्स-रे कराने पहुंचे युवक ने टेक्नीशियन को अपनी परेशानी बताई।
डॉक्टर की लापरवाही का खुलासा एक्स-रे रूम में
युवक राजन कुमार ने बताया कि वह पैर में दर्द से परेशान था और इलाज के लिए सदर अस्पताल गया था। वहां डॉक्टर अशोक सिंह ने जांच के बाद उसे एक्स-रे कराने के लिए भेजा। जब वह एक्स-रे रूम में पहुंचा तो टेक्नीशियन उसके हाथ का एक्स-रे करने की तैयारी कर रहा था। यह देखकर राजन ने तुरंत कहा कि मुझे पैर में दर्द है, हाथ में नहीं। यह सुनकर टेक्नीशियन भी चौंक गया और गलती का एहसास हुआ। इसके बाद युवक ने मामले की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की।
अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर को फटकार लगाई
शिकायत मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत संबंधित डॉक्टर को फोन कर लापरवाही के लिए फटकार लगाई। प्रबंधन ने युवक के पैर का एक्स-रे करवाने और सही इलाज शुरू करने का निर्देश दिया। राजन कुमार ने कहा कि गनीमत रही कि डॉक्टर ने केवल एक्स-रे ही लिखा था। अगर ब्लड टेस्ट लिखा होता, तो शायद मेरा ब्लड प्रेशर जांचने के बजाय टीबी का टेस्ट लिख देते।
घटना से लोगों में रोष
इस घटना ने मरीजों में रोष और चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की लापरवाहियां न केवल मरीजों को असुविधा में डालती हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि हमारे जीवन का भरोसा डॉक्टरों पर है। ऐसे में अगर वे इस तरह की गलतियां करेंगे, तो आम जनता क्या करे?"
अस्पताल प्रशासन की यह प्रतिक्रिया
अस्पताल प्रबंधन ने घटना पर खेद जताते हुए भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने का आश्वासन दिया है। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ को सतर्क रहने और मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।