बिहार के वैशाली जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ओस्ती हरपुर पंचायत के वार्ड नंबर 11 में पंचायत आवास सहायक रामप्रवेश प्रताप को ग्रामीणों ने अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी आवास सहायक पंचायत में घूम-घूम कर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से 2000 से 2500 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहा था। करीब 50 से 60 लोगों से योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे वसूल किए गए। जब स्थानीय लोगों को इस अवैध वसूली की जानकारी मिली तो उन्होंने एकजुट होकर आवास सहायक को पकड़ लिया और वसूले गए पैसे वापस करने की मांग की।
मामला तूल पकड़ता देख कुछ स्थानीय बुद्धिजीवियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद आरोपी वहां से निकल गया। यह घटना प्रधानमंत्री आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि गरीब लाभार्थियों को योजना का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
इस संबंध में वैशाली डीडीसी कुंदन कुमार ने बताया कि यदि इस प्रकार की घटना है तो इसकी जांच कर आवास सहायक पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों के द्वारा आरोप लगाया जा रहा है, उनके पास वैसा कुछ एविडेंस है, वह लोग खुद भी आवास सहायक पर प्राथमिक की भी दर्ज करवा सकते हैं। यदि आवास सहायक के नाम पर किन्हीं लोगों के द्वारा पंचायत में रुपये उगाही की गई है या आवास सहायक के द्वारा लिया गया है, इसकी भी जांच कराई जाएगी।