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Bihar: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में X-Ray तक नहीं, जिले के सरकारी अस्पताल में ICU नहीं; रेफर कैसे रुकेगा फिर?

Sun, 05 Jul 2026 05:09 AM IST
तिरहुत ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर

सार

Bihar News: सरकार रेफरल रोकने की तैयारी में है, लेकिन अस्पतालों में क्या रातोंरात सबकुछ बदलने की स्थिति है? 15 अगस्त मियाद है। ऐसे में 'अमर उजाला' ने ग्राउंड पर देखा कि पटना के बगल में वैशाली के पास स्वास्थ्य-संसाधन कैसा है?
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सरकारी अस्पताल की तस्वीर आज भी 'सरकारी', सुविधाएं भी सिर्फ दावों में। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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वैशाली जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को मजबूरन पटना का रुख करना पड़ता है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही इलाज कराने का सपना अधूरा रह जाता है। जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल हो या ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हर जगह संसाधनों की कमी मरीजों को रेफर किए जाने का मुख्य कारण बनी हुई है।

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गंभीर मरीजों को देखते ही पटना भेजना मजबूरी
वैशाली जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में आईसीयू (ICU) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यदि कोई मरीज गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल पहुंचता है, तो डॉक्टरों के पास उसे पटना रेफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। इसके अलावा, सदर अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से मानसिक रूप से बीमार मरीजों को भी इलाज के लिए जिले से बाहर भेजा जा रहा है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और भी दयनीय है। मरीजों की जांच के लिए जरूरी अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और ईसीजी (ECG) जैसी बुनियादी मशीनें या तो अधिकांश केंद्रों में नदारद हैं, या फिर अगर उपलब्ध हैं, तो उन्हें चलाने के लिए योग्य टेक्नीशियन ही नहीं हैं। कई केंद्रों पर स्थिति ऐसी है कि मशीनें तो धूल फांक रही हैं, लेकिन ऑपरेटर के अभाव में मरीजों को निजी केंद्रों पर भारी-भरकम राशि खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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आपातकालीन सुविधाओं के लिए देखने में यह अच्छा, लेकिन असल जरूरत में बेकार। - फोटो : amar ujala digital
बच्चों की जटिल सर्जरी के लिए सोचना दूर की बात
हालांकि, हाजीपुर सदर अस्पताल में 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सामान्य इलाज की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन जब बात बच्चों की जटिल सर्जरी की आती है, तो विशेषज्ञ डॉक्टरों और उपकरणों की कमी के कारण उन्हें भी पटना रेफर कर दिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर संसाधनों और मानव संसाधन का संतुलन नहीं बनाया जाएगा, तब तक जिला अस्पतालों पर बढ़ता दबाव और मरीजों का पटना की ओर पलायन नहीं रुकेगा। स्वास्थ्य विभाग के दावों और धरातल की हकीकत के बीच पिस रही वैशाली की जनता अब सरकारी व्यवस्था में सुधार की बाट जोह रही है।
(इनपुट- अभिषेक कुमार, वैशाली)
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