बिहार की सबसे वीआईपी विधानसभा सीट राघोपुर में राजनीति का सरगर्म माहौल है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राघोपुर सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके खिलाफ भाजपा ने सतीश यादव को उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है।
राघोपुर सीट का यादव परिवार के लिए विशेष महत्व रहा है। इस सीट से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों ने कई बार जीत हासिल की और मुख्यमंत्री पद संभाला। राबड़ी देवी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी थीं, जब उनके पति लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में गिरफ्तार होने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। राबड़ी देवी ने 25 जुलाई 1997 को मुख्यमंत्री पद संभाला और 2005 तक राज्य का शासन किया।
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हालांकि, 2010 के विधानसभा चुनाव में राबड़ी देवी को राघोपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। उस समय जदयू के सतीश यादव ने उन्हें 13,600 वोटों के अंतर से पराजित किया। इस हार के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने तेजस्वी यादव को इस सीट से चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया।
तेजस्वी यादव ने 2015 और 2020 में राघोपुर से जीत दर्ज की थी और वर्तमान में यह उनका तीसरा चुनाव है। वे इस सीट से उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। इस बार राघोपुर की राजनीतिक लड़ाई यादव परिवार और भाजपा के बीच खास चर्चा का विषय बनी हुई है।