जम्मू-कश्मीर के पहलगाम जिले में हुए आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में जहां आक्रोश है, वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मुस्लिम समुदाय ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे लेकर भारत सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने कर्बला चौक के पास इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया और आतंकियों को तुरंत सजा देने की मांग की। साथ ही सरकार से एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक करने की भी पुरजोर अपील की।
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‘टारगेट कर मारे गए निर्दोष नागरिक’
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यह हमला सिर्फ एक समुदाय या राज्य पर नहीं, बल्कि पूरे भारत पर हमला है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर निर्दोष लोगों की हत्या करना बेहद शर्मनाक और अमानवीय कृत्य है। आतंकी जिस तरह से पूछ-पूछ कर लोगों को गोली मार रहे हैं, यह इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है। लोगों ने इसे कायरता की हद बताया और कहा कि अब चुप बैठने का समय नहीं है।
‘पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को चुन-चुन कर मारो’
मोहम्मद गुड्डू ने इस घटना को लेकर कहा कि यह हमला बेहद दुखद है और इससे पूरे देश का मन आहत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करे। अगर जरूरत पड़े तो पाकिस्तान में घुसकर भी आतंकियों को मारा जाए। उन्होंने भारत सरकार की इंटेलिजेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट नहीं होतीं।
‘हम सरकार के साथ खड़े हैं’
प्रदर्शन में शामिल मोहम्मद अरशद ने कहा कि सरकार अगर आतंकियों को पकड़कर हमारे हवाले कर दे, तो हम चौराहे पर सजा देंगे। उन्होंने कहा कि देश का हर मुसलमान आज इस दुख की घड़ी में सरकार के साथ है। भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
पुलवामा जैसी कार्रवाई की फिर से मांग
मोहम्मद इफ्तिखार उर्फ गुड लक ने कहा कि जिस प्रकार पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर एयर स्ट्राइक किया था, उसी तरह अब फिर समय आ गया है कि सरकार दुश्मनों के घर में घुसकर उन्हें नेस्तनाबूद करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरा मुसलमान समाज देश और सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।
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सरकार से की आतंक के सफाए की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि अब देश को और धैर्य नहीं रखना चाहिए। भारत सरकार को चाहिए कि आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे और कश्मीर में शांति बहाल करे। लोगों ने कहा कि सिर्फ बयानबाजी नहीं, अब ठोस कदम उठाए जाएं ताकि आने वाले समय में कोई और मासूम आतंकी गोलियों का शिकार न हो।