अस्पताल के वार्मर रूम में नवजात
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पूर्वी चंपारण के चकिया में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापार मंडल स्थित लाल गोपाल क्लिनिक और पुराना बाइपास स्थित संजीवनी चाइल्ड केयर को सील कर दिया। छापेमारी के दौरान ताला बंद हॉल में वार्मर पर एक नवजात शिशु मिला, जबकि मौके पर कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चे के रोने की सूचना पर पहुंची प्रशासनिक टीम
कार्रवाई का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम ने किया। उनके साथ अनुमंडलीय अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. चंदन कुमार और पुलिस बल भी मौजूद थे। एसडीओ ने बताया कि सूचना मिली थी कि व्यापार मंडल स्थित एक हॉल से बच्चे की रोने की आवाज आ रही है। बाहर से ताला बंद होने के कारण टीम ने बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
अंधेरे कमरे में वार्मर पर मिला नवजात
प्रशासनिक टीम जब अंदर पहुंची तो अंधेरे कमरे में एक नवजात शिशु वार्मर पर मिला। हैरानी की बात यह रही कि उसकी देखरेख के लिए वहां कोई डॉक्टर, नर्स या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। नवजात की हालत को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए। जांच के दौरान वहां से लाल गोपाल क्लिनिक का एक प्रिस्क्रिप्शन बरामद हुआ, जिस पर डॉ. पी. कुमार और डॉ. के.के. पाठक का नाम अंकित था। प्रशासन ने इस दस्तावेज को जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।
NICU में भर्ती मिले चार बच्चे, डॉक्टर-स्टाफ नदारद
वहीं पुराना बाइपास स्थित संजीवनी चाइल्ड केयर में छापेमारी के दौरान चार बच्चों को एनआईसीयू में भर्ती पाया गया। लेकिन वहां भी कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। बच्चों के परिजन अस्पताल के बाहर बैठे मिले, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
सभी बच्चों को सदर अस्पताल भेजा गया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी बच्चों को तत्काल सदर अस्पताल रेफर कर दिया। साथ ही दोनों अस्पतालों को सील कर वार्मर, ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य चिकित्सा उपकरण जब्त कर लिए गए।
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संचालकों और डॉक्टरों पर दर्ज होगी प्राथमिकी
छापेमारी के दौरान संजीवनी चाइल्ड केयर के चिकित्सक डॉ. अनुज कुमार और डॉ. रंजन कुमार भी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने दोनों अस्पतालों के संचालकों और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध और मानकविहीन स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।