नवरात्र पर्व पर जिले में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। आज चौथे रूप, माता कुष्मांडा की पूजा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, इस नवरात्र में चौथा रूप दो दिनों का है और इसे अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। वहीं, आज शाम से पांचवें रूप, स्कंदमाता के पूजन का शुभारंभ होगा। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मंदिर के घंटों की ध्वनि से आसपास का इलाका गुंजायमान हो उठा है। आदि शक्ति देवी दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जा रही है, जिसे भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और सुख-शांति, समृद्धि की कामना के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
शहर के विभिन्न मंदिरों में सुबह के समय ही भक्तगण उमड़ पड़े। वे फूल, फल, प्रसाद और अन्य चढ़ावा अर्पित कर माता से आशीर्वाद ले रहे हैं। ब्रह्मपुरा स्थित माता दुर्गा महामाया मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
पढ़ें: रील्स के फेर में अबतक की सबसे बड़ी घटना; गयाजी में एक साथ नौ लोग डूबे, पांच की हुई मौत
मंदिर प्रशासन ने भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की टीमें तैनात की गई हैं। प्रसाद, फूल और नैवेद्य अर्पित करने में पुरोहितों की मदद भी उपलब्ध है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि सभी श्रद्धालु सुचारू रूप से देवी के दर्शन कर सकें। मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित रंजीत मिश्रा ने कहा कि माता दुर्गा का हर रूप भक्तों के लिए कल्याणकारी है। आज माता के चौथे रूप का पूजन किया जा रहा है, जबकि शाम से पांचवें रूप, स्कंदमाता का पूजन आरंभ होगा। भक्त बड़ी संख्या में आ रहे हैं और अपनी आस्था और भोग को माता को समर्पित कर रहे हैं।