मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र के चन्द्रहट्ठी गांव में बिजली के करंट से 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुजफ्फरपुर-पटना हाईवे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
कैसे हुई दुर्घटना?
जानकारी के मुताबिक, गांव के एक किसान ने जंगली जानवरों, खासकर नीलगाय से फसल बचाने के लिए अपने खेत में बिजली की तारें बिछाई थीं, जिनमें करंट प्रवाहित किया जा रहा था। मृतक मनोज कुमार सिंह (पुत्र महेश्वर सिंह) बुधवार सुबह शौच के लिए खेत में गया था।
तभी वह बिजली की तारों की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। आसपास के लोग मौके पर जुटे और मामले की सूचना कुढ़नी थाना पुलिस को दी गई।
आक्रोशित परिजनों ने किया सड़क जाम
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) भेज दिया। हालांकि, शव के गांव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को हाईवे पर रखकर सड़क जाम कर दिया और खेत मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। करीब दो घंटे तक जाम रहने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए कुढ़नी थाना पुलिस और कुढ़नी प्रखंड के अंचल अधिकारी अनिल कुमार संतोषी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने परिजनों को समझाने और शांति बनाए रखने की अपील की। अंचल अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। कुढ़नी थाना पुलिस ने परिजनों के बयान पर खेत मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने के बाद सड़क जाम हटाया गया।
ग्रामीणों ने की यह मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों से बचाव के लिए बिजली की तारों में करंट प्रवाहित करना खतरनाक है। इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। प्रशासन को न केवल मुआवजे का प्रावधान करना होगा, बल्कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान भी चलाना होगा।