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Bihar News: सेंट्रल जेल में 100 से अधिक कैदी करेंगे छठ पूजा का व्रत, मुस्लिम महिलाएं भी होंगी शामिल

Sun, 03 Nov 2024 09:08 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: जेल अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने बताया कि इस बार 100 से अधिक कैदियों ने छठ पूजा के व्रत का आवेदन दिया है, जिसमें पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं। महिलाओं में चार मुस्लिम समुदाय की महिलाएं भी हैं, जो छठ पर्व का व्रत करेंगी।
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मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में छठ पूजा की हो रही विशेष तैयारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर के अमर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय जेल में इस वर्ष भी छठ पूजा का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया जा रहा है। जेल प्रशासन छठ पूजा को लेकर विशेष तैयारियों में जुटा हुआ है ताकि व्रत करने वाले सभी कैदियों को पूजा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस बार जेल में 100 से अधिक कैदी छठ पर्व का व्रत करेंगे, जिनमें 38 महिलाएं और 62 पुरुष शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि व्रतियों में चार मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हैं, जो अपने हिंदू सह कैदियों के साथ मिलकर इस पवित्र पर्व का व्रत रखेंगी।

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जेल में कृत्रिम तालाब और पूजन सामग्री का इंतजाम
जेल प्रशासन ने छठ व्रतियों के लिए एक विशेष कृत्रिम तालाब का निर्माण किया है। इसे इस बार रंगीन बल्बों और रोशनी से सजाया जा रहा है। तालाब की सफाई के साथ ही उसे पूजा के लिए सजाया जा रहा है ताकि जेल में बंद व्रती भक्तिभाव से छठी मैया और भगवान भास्कर को अर्घ्य दे सकें।
 
पूजन सामग्री के साथ ही व्रतियों के लिए नई साड़ियां, पुरुषों के लिए धोती और गमछे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए भी नए कपड़े की व्यवस्था की गई है। व्रत के दौरान सभी कैदियों की पवित्रता और शुद्धता बनाए रखने का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि छठ महापर्व की धार्मिकता बरकरार रहे।
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जेल में छठ पूजा का माहौल और बंदियों का उत्साह
चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व को लेकर जेल में एक विशेष उत्साह का माहौल है। जेल अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने बताया कि इस बार 100 से अधिक कैदियों ने छठ पूजा के व्रत का आवेदन दिया है, जिसमें पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं। महिलाओं में चार मुस्लिम समुदाय की महिलाएं भी हैं, जो छठ पर्व का व्रत करेंगी। यह न केवल छठ पूजा के महत्व को दर्शाता है बल्कि हिंदू और मुस्लिम कैदियों के बीच आपसी सौहार्द और एकता का भी प्रतीक है।
 
जेल अधीक्षक ने बताया कि व्रतियों के लिए कपड़े और पूजन की सभी सामग्री जुटाई जा रही है। तालाब की सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम भी शुरू हो गया है। बच्चों के लिए नए कपड़े भी मंगवाए जा रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी जेल प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ सभी आवश्यक तैयारियां कर रहा है।
 
सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बन रही छठ पूजा
केंद्रीय जेल में छठ महापर्व का यह आयोजन सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बनता जा रहा है। चार मुस्लिम महिलाओं का इस पूजा में शामिल होना यह दर्शाता है कि धार्मिक उत्सवों में हर धर्म का समान स्थान होता है और यह पर्व सभी समुदायों के बीच प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाता है।

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