अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भले ही सीजफायर की घोषणा हो चुकी हो, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र के कथैया गांव निवासी दीपू तीन दिन पहले यूएई से अपने घर लौटे। घर लौटने के बाद उन्होंने खाड़ी देशों में चल रहे हालात की आपबीती साझा की, जिसने वहां की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को उजागर किया।
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पिता की खुशी और डर का अनुभव
दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह ने बताया कि बेटा युद्ध जैसे हालात के बीच सुरक्षित घर लौट आया है, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि रोजाना टीवी और न्यूज में युद्ध और हमलों की खबरें देखकर डर बना रहता था। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें बड़ा बेटा गुजरात में काम करता है जबकि छोटा दीपू अबू धाबी में नौकरी करता था।
मोबाइल अलर्ट सिस्टम से बढ़ती सतर्कता
दीपू ने बताया कि तनाव के दौरान वहां की सरकार और सेना लगातार मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजती थी। किसी भी संभावित हमले या खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षा अलर्ट मिल जाता था, जिसके बाद सभी लोग सेफ रूम में चले जाते थे। स्थिति सामान्य होने पर “ऑल क्लियर” का मैसेज भेजा जाता था। वे लगातार मोबाइल पर नजर रखते थे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सतर्क हो सकें। अब घर लौटकर वे अपने परिवार के साथ समय बिताकर बेहद खुश हैं।