फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: मजदूरी मांगना पड़ा भारी; यूपी में ट्रक चालक ने युवक को चाकू से गोदा, शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम

Sat, 16 May 2026 09:13 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar: मुजफ्फरपुर के युवक इस्तेखार आलम की उत्तर प्रदेश में मजदूरी मांगने को लेकर हुए विवाद में ट्रक चालक ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम फैल गया। मृतक अपने परिवार का इकलौता सहारा था।
विज्ञापन
मृत युवक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक की उत्तर प्रदेश में ट्रक चालक से हुए विवाद में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जबकि शुक्रवार देर रात शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद-संभल रोड के पास की है। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पंचर की दुकान चलाने वाले युवक की मजदूरी मांगने को लेकर ट्रक चालक से कहासुनी हो गई, जिसके बाद चालक ने उस पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

विज्ञापन


मजदूरी मांगने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, युवक सड़क किनारे टायर पंचर की दुकान चलाता था। काम करने के बाद पैसे मांगने को लेकर ट्रक चालक से विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपी चालक ने गुस्से में आकर दुकानदार पर कई बार चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी ट्रक चालक की जमकर पिटाई कर दी।

पांच साल से चला रहा था पंचर की दुकान
मृतक युवक की पहचान 28 वर्षीय इस्तेखार आलम उर्फ सोनल के रूप में हुई है, जो मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र का निवासी था। वह पिछले करीब पांच वर्षों से डींगरपुर में सड़क किनारे टायर पंचर की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
विज्ञापन


शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर रात युवक का शव गांव लाया गया। शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि तीन वर्ष पहले ही इस्तेखार की शादी हुई थी और उसकी एक छोटी बेटी भी है। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी बेसुध पड़ी हुई है।

बकरीद में घर आने की थी तैयारी
मृतक के परिजनों ने बताया कि इस्तेखार परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और बकरीद में घर आने की तैयारी कर रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह जिंदा नहीं, बल्कि उसकी लाश गांव पहुंचेगी। परिजनों ने कहा कि मेहनत की मजदूरी मांगने की उसे इतनी बड़ी सजा मिली है।

ये भी पढ़ें: तीन लाख दहेज की मांग बनी मौत की वजह; छह महीने की बेटी की मां मुस्कान की संदिग्ध मौत, ससुराल वाले फरार
विज्ञापन


सरकार से मदद की मांग
परिजनों ने कहा कि बाहर रहकर मजदूरी करना अब बेहद मुश्किल हो गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में सरकार को आगे आकर पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें