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Bihar: मुजफ्फरपुर में बाढ़ के बीच JDU विधायक का घेराव, ग्रामीण बोले- मुसीबत में नहीं आईं, अब हाल पूछने पहुंचीं

Thu, 13 Aug 2026 08:08 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में बुधवार को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने जेडीयू विधायक कोमल सिंह का घेराव कर विरोध जताया। विधायक बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंची थीं, लेकिन लौटने के दौरान ग्रामीण उनकी गाड़ी के सामने आ गए।
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जेडीयू विधायक का घेराव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में बुधवार को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने जेडीयू विधायक कोमल सिंह का घेराव कर विरोध जताया। विधायक बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंची थीं। वापस लौटने के दौरान कुछ ग्रामीण उनकी गाड़ी के सामने आ गए और अपनी नाराजगी जाहिर करने लगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में करीब एक सप्ताह से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन विधायक काफी देर से प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंचीं। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और विधायक को सुरक्षित बाहर निकाला।

बाढ़ के बीच विधायक के पहुंचने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

जानकारी के अनुसार, गायघाट विधायक कोमल सिंह बुधवार को अपने क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मिलने पहुंची थीं। इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे गांव के अंदर जाकर बाढ़ की स्थिति देखने और प्रभावित परिवारों की परेशानियों को समझने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बाढ़ का पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब वे बाढ़ की वजह से परेशान थे, तब उनकी सुध लेने के लिए विधायक समय पर नहीं पहुंचीं। इसी नाराजगी को लेकर विधायक के वापस लौटने के दौरान ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।

‘मुसीबत में नहीं आईं, अब हाल जानने पहुंचीं’

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बाढ़ की वजह से इलाके में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त है और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप था कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही लोगों के बीच नजर आते हैं।कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “हमारे विधायक को सिर्फ वोट से मतलब है।” उनका कहना था कि बाढ़ के दौरान जब ग्रामीण मदद के लिए परेशान थे, तब न तो विधायक पहुंचीं और न ही उनके प्रतिनिधियों की ओर से पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई गई।

ग्रामीणों ने कहा- सड़कें टूटीं, राहत सामग्री तक नहीं मिली

स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां तक कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से पॉलीथिन तक नहीं दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से सामुदायिक रसोई शुरू कराने, पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने और बाढ़ प्रभावित परिवारों को जीआर की राशि दिलाने की मांग की है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने विधायक को सुरक्षित निकाला

विधायक के घेराव के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और विधायक को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला। इस दौरान बीडीओ, सीओ, प्रखंड प्रमुख समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। घटना के बाद बाढ़ राहत और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की मांग की है।

 

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