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बिहार: गांव की गलियों से सेना की वर्दी तक, मुजफ्फरपुर के स्वराज साह बने लेफ्टिनेंट; जिले में जश्न

Mon, 07 Sep 2026 08:56 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड के युवा स्वराज साह ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले और अपने गांव का नाम रोशन किया है। साधारण परिवार से आने वाले स्वराज ने बचपन से ही देश सेवा का सपना देखा और कड़ी मेहनत के दम पर उसे पूरा किया।
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सेना में लेफ्टिनेंट बने साहेबगंज के स्वराज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र के युवा स्वराज साह ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले स्वराज साह सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाके में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि गांव की गलियों से निकलकर सेना में अधिकारी बनने तक का सफर पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। स्वराज की कामयाबी से गांव में जश्न का माहौल है और लोग इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।

साधारण परिवार से निकलकर सेना में हासिल किया बड़ा मुकाम

स्वराज साह ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर पूरे मुजफ्फरपुर जिले और साहेबगंज प्रखंड का नाम रोशन किया है। स्वराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उनके पिता श्याम सुंदर साह पश्चिम चंपारण जिले के एक निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में सेवाएं देते हैं। वह लगातार अपने बेटे के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद श्याम सुंदर साह ने अपने बेटे के सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया। उन्होंने स्वराज को हमेशा राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही देश की वर्दी पहनने का सपना देखने वाले स्वराज ने अपनी मेहनत और हौसले के आगे तमाम चुनौतियों को झुकने पर मजबूर कर दिया।

आर्मी स्कूल से शुरू हुई देश सेवा की राह

बचपन से देश सेवा का जज्बा रखने वाले स्वराज साह ने अपनी 10वीं तक की शिक्षा अरुणाचल प्रदेश स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल, टैंगा वैली के अनुशासित माहौल में पूरी की। स्कूल के दौरान उन्होंने अनुशासन और जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किए। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार का रुख किया, जहां उन्होंने अपनी अकादमिक पहचान को और मजबूत किया। डिग्री पूरी करने के बाद स्वराज ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की संयुक्त रक्षा सेवा यानी CDS परीक्षा दी और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

पहली कोशिश में SSB इंटरव्यू किया पास

CDS परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद स्वराज साह ने सेना की कठिन और मानसिक दृढ़ता परखने वाली SSB इंटरव्यू प्रक्रिया का सामना किया। उन्होंने पहली ही कोशिश में SSB इंटरव्यू भी पास कर लिया।

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SSB में चयन के बाद उन्हें चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में अंतिम सैन्य प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया। यहां भी उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर सफलता हासिल की और सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव प्राप्त किया।

स्वराज की कामयाबी पर साहेबगंज में जश्न

साहेबगंज के युवा स्वराज साह की इस गौरवशाली उपलब्धि की खबर जैसे ही साहेबगंज के थाना रोड इलाके में पहुंची, पूरा क्षेत्र खुशी में डूब गया। स्थानीय लोगों के साथ उनके परिजन और शिक्षक भी उनकी सफलता से बेहद उत्साहित हैं। लोगों का कहना है कि स्वराज का सेना में लेफ्टिनेंट बनना केवल एक पद हासिल करना नहीं है, बल्कि यह गांव की मिट्टी के एक बेटे की ओर से पूरे क्षेत्र के लिए अमूल्य सौगात है। स्वराज के घर पहुंचकर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मिट्टी में पले-बढ़े स्वराज ने देश में अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया है। ऐसे बेटे पर न सिर्फ परिवार और गांव, बल्कि पूरे देश को गर्व है।

 

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