घूसखोर निलंबित दरोगा अंडरग्राउंड
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मुजफ्फरपुर जिले के पियर थाना के अपर थानेदार अभिनंदन कुमार घूस मामले में निलंबित किए जा चुके हैं। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसी दौरान सब इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार फरार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि वह गिरफ्तारी के डर से अंडरग्राउंड हो गए हैं। रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद न केवल उन्हें निलंबित किया गया, बल्कि तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा के आदेश पर उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
मामले को रफा दफा करने के लिए मांगी थी रिश्वत
दरअसल, पियर थाना क्षेत्र के पीड़ित शत्रुघ्न के भाई सीताराम कुमार को हाल ही में शराब पीने के एक मामले में पकड़ा गया था। इसी दौरान शत्रुघ्न को लगा कि उसके भाई को पियर थाना की पुलिस ने उठाया है। अपने भाई को छुड़ाने की गुहार लेकर शत्रुघ्न एक बिचौलिए राम कुमार के माध्यम से अपर थानेदार अभिनंदन कुमार के पास पहुंचा, जहां कानून को ताक पर रखते हुए दरोगा अभिनंदन ने मामले को रफा-दफा करने के नाम पर 5,000 रुपये की घूस मांगी।
कैमरे में कैद हुआ था रिश्वत कांड
हैरानी की बात यह रही कि जिस आरोपी को पियर पुलिस ने पकड़ा ही नहीं था, उसे छोड़ने के नाम पर सब इंस्पेक्टर ने पैसे ऐंठ लिए। रिश्वत के लेन-देन का पूरा घटनाक्रम मोबाइल के कैमरे में कैद हो गया और वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद वरीय अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का सख्त आदेश दिया। उनके निर्देश के बाद आरोपी दारोगा अभिनंदन कुमार और बिचौलिए राम कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह केस पीड़ित के भाई के बयान पर दर्ज हुआ है।
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अवकाश के बहाने पर आरोपी फरार
गिरफ्तारी की तलवार लटकते ही आरोपी सब इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार विभागीय प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए अवकाश पर चले गए। वहीं, सूत्रों के अनुसार वह गिरफ्तारी के डर से अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस टीम उनकी और बिचौलिए राम कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।