स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार आयेंगे मुजफ्फरपुर
बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के प्रस्तावित मुजफ्फरपुर दौरे को लेकर उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में तैयारियां तेज हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री तीन सितंबर को मेडिकल कॉलेज का दौरा कर अस्पताल की व्यवस्थाओं और विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर सकते हैं। मंत्री की सख्त कार्यशैली और औचक निरीक्षण के लिए चर्चित रवैये को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मेंटेनेंस कंपनियां तैयारियों में जुट गई हैं। अस्पताल परिसर में सैकड़ों मजदूरों को लगाया गया है, ताकि निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नजर न आए।
गेट से वार्ड तक तेजी से चल रहा काम
तैयारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर पूरे परिसर और अलग-अलग मरीजों के वार्ड तक रंग-रोगन और मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है। लंबे समय से जर्जर पड़े भवनों, जाम नालियों, बदरंग कमरों और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है।
मेंटेनेंस कंपनी के कर्मचारी भी 24 घंटे तैनात रहकर अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने में जुटे हैं। कहीं रंग-रोगन किया जा रहा है तो कहीं टूटे हुए बेडों की मरम्मत की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में जहां टाइल्स और मार्बल टूटे हुए हैं, उन्हें भी आनन-फानन में बदला जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के दौरान मरीजों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं में कोई खामी दिखाई न दे।
मरीजों की सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष फोकस
एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि तीन सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के आगमन की संभावना है। इसे देखते हुए अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है। मरीजों की सुविधा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में जहां भी कोई कमी दिखाई दे रही है, उसे दूर करने का काम किया जा रहा है। सभी भवनों को व्यवस्थित किया जा रहा है। इसके साथ ही रोस्टर, फाइलों, ब्लड बैंक, वार्ड और अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी तरह की कमी सामने न आए।
स्वास्थ्य मंत्री के संभावित निरीक्षण को लेकर अस्पताल परिसर में गतिविधियां तेज हैं और अधिकारी से लेकर मेंटेनेंस कर्मचारी तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। अब तीन सितंबर को मंत्री के दौरे के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।