मुजफ्फरपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे को व्हाट्सएप के जरिए धमकी देकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया है। आधी रात को मिले इस धमकी भरे संदेश के बाद मंत्री का परिवार दहशत में आ गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
धमकी देने वाले ने खुद को बताया लॉरें बिश्नोई गैंग का सदस्य
मंत्री के बेटे और भाजपा नेता कृष्ण मुरारी कुमार ने इस संबंध में सदर थाना में अज्ञात मोबाइल नंबर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। व्हाट्सएप संदेश भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए लिखा कि 'रुपये दो, वरना जान से जाओ।' पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में कुढ़नी थाना क्षेत्र के किशुनपुर बलौर निवासी तथा डीटीओ कार्यालय में संविदा पर कार्यरत अमन प्रकाश, ब्रह्मपुरा निवासी पवन सहनी और कांटी निवासी कन्हाई कुमार शामिल हैं। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
मंत्री के बेटे को मिली लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी
बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री एवं कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने चार आरोपियों की पहचान की, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
चार दिनों में तीन लोगों से मांगी गई दो करोड़ रुपये की रंगदारी
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि 21 से 24 जुलाई के बीच एक ही मोबाइल नंबर से तीन अलग-अलग लोगों से कुल दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इनमें भाजपा नेता रंजीत सहनी, जिला परिषद सदस्य राजेश सहनी और मंत्री के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार शामिल हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर दी गई इन धमकियों से पूरे जिले में दहशत का माहौल बन गया था।
सोने से पहले मिला धमकी भरा व्हाट्सएप संदेश
मंत्री के पुत्र कृष्ण मुरारी कुमार ने प्राथमिकी में बताया कि 24 जुलाई की रात करीब 10:20 बजे उनके व्हाट्सएप पर अचानक एक संदेश आया। संदेश भेजने वाले ने खुद को मुंबई से संचालित लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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एक ही नंबर से भेजी गई थीं सभी धमकियां
एसआईटी की जांच में सामने आया कि तीनों मामलों में रंगदारी मांगने के लिए एक ही व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस इसे एक संगठित साइबर रंगदारी गिरोह की साजिश मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने चार आरोपियों की पहचान की, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसएसपी बोले-जांच जारी, जल्द होगा पूरा खुलासा
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान रंगदारी मांगने वाले गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल अनुसंधान जारी है तथा पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।