छात्रा ने किया सुसाइड का प्रयास
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बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) परिसर के जीएनएम कॉलेज छात्रावास में शनिवार को एक छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। छात्रा जीएनएम की सेकेंड ईयर में पढ़ाई कर रही है। बताया जा रहा है कि उसने बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खा लीं, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल में अफरातफरी मच गई। छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे आनन-फानन में मेडिकल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा है। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
वार्डन पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
अस्पताल में भर्ती छात्रा ने हॉस्टल की एक वार्डन पर पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा के परिजनों और उसके साथ पढ़ने वाली छात्राओं का कहना है कि वार्डन कथित तौर पर लंबे समय से उसे परेशान कर रही थी। उनका दावा है कि इसी वजह से तनाव में आकर छात्रा ने यह कदम उठाया। हालांकि, छात्रा के आरोपों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। कॉलेज और अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल अधीक्षक ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैच की छात्राओं से भी जुटाई जा रही जानकारी
जीएनएम कॉलेज के प्राचार्य राम अवतार शर्मा ने बताया कि छात्रावास में छात्रा के साथ रहने वाली अन्य छात्राओं से जानकारी ली जा रही है। उसके बैच की सभी छात्राओं को भी बुलाया गया है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सके। प्राचार्य के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि छात्रा ने किस परिस्थिति में नींद की गोलियां खाईं और दवाएं उसके पास कहां से आईं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंपे जाने की बात कही गई है।