Bihar: मुजफ्फरपुर जिले में देर शाम तेज बारिश और ओलावृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ। सकरा, मुरौल, मुसहरी, कांटी, मीनापुर, औराई, गायघाट और कटरा प्रखंड के सैकड़ों एकड़ में गेहूं, मसूर, दलहन और मकई की फसल बर्बाद हो गई।
मुजफ्फरपुर जिले में देर शाम मौसम की करवट ने तबाही मचा दी है। जिले के आधा दर्जन से अधिक प्रखंडों में इसका असर देखा गया है। सकरा, मुरौल, मुसहरी, कांटी, मीनापुर, औराई, गायघाट और कटरा प्रखंड क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ।
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किसानों की मेहनत पर मौसम ने फेरा पानी
कटरा प्रखंड के खंगुरा इलाके में अचानक आई तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस दौरान सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं और मसूर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई, जिससे किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया। बारिश के बाद स्थानीय किसान त्राहिमाम कर रहे हैं और सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
'ओलावृष्टि ने सब कुछ तबाह कर दिया'
स्थानीय किसान ऋषि कुमार चौधरी ने बताया कि उन्होंने करीब 6 एकड़ में गेहूं और मसूर की खेती की थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि अब समझ नहीं आ रहा कि महाजन का कर्ज कैसे चुकाएंगे। बारिश से दलहन फसल को भी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद भी कृषि विभाग के कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं, जिससे उनका आक्रोश बढ़ गया है।
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'पूरी मेहनत बेकार'
किसान रूपेश कुमार ने कहा कि शाम को आई इस बारिश ने उनकी कमर तोड़ दी। गेहूं तैयार था, लेकिन तेज हवा और बारिश के कारण बालि टूट गई और अब यह किसी काम की नहीं रही। उन्होंने कहा कि पूरी मेहनत बेकार हो गई और सरकार को इस गंभीर स्थिति की ओर ध्यान देने की जरूरत है। सकरा के किसान राहुल कुमार मिश्रा ने बताया कि बारिश से आम और लीची को आंशिक नुकसान हुआ है, जबकि अन्य फसलें जैसे गेहूं, मकई और दलहन पूरी तरह प्रभावित हुई हैं।
'आंदोलन करने को मजबूर'
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, किसान बारिश की मार झेलने के बाद अब सरकार की मदद का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले एक दिन के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है और कहा कि अभी राहत नहीं मिलने वाली है।