सार
मुजफ्फरपुर के एमआईटी कॉलेज के महिला छात्रावास में घटिया भोजन खाने से दो दर्जन से अधिक छात्राएं बीमार पड़ गईं। उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद सभी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन हरकत में आया तथा मेस संचालक को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए।
मेस के खराब खाने से बीमार पड़ी छात्राएं
- फोटो : Amar Ujala
मुजफ्फरपुर स्थित एमआईटी कॉलेज के महिला छात्रावास में कथित रूप से मेस का घटिया भोजन खाने से दो दर्जन से अधिक छात्राएं बीमार हो गईं। शुक्रवार शाम अचानक कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और तेज दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद पूरे छात्रावास में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सभी बीमार छात्राओं को सदर अस्पताल पहुंचाया
घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर सभी बीमार छात्राओं को सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने छात्राओं का इलाज किया और आवश्यक जांच के बाद उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। घटना की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के कई अधिकारी भी अपनी टीम के साथ एमआईटी परिसर पहुंचे और बीमार छात्राओं का हालचाल जाना।
गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश
अधिकारियों ने छात्राओं की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही छात्रावास के मेस संचालक को गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए। एसडीएम के निर्देश पर सदर अस्पताल से दो एंबुलेंस एमआईटी परिसर भेजी गईं, जिनकी मदद से सभी बीमार छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
लगातार छात्राओं को परोसा जा रहा था घटिया भोजन
छात्राओं ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर कॉलेज प्रशासन से शिकायत कर रही थीं। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार घटिया भोजन परोसा जा रहा था, जिससे उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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इस मामले में एमआईटी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एम.के. झा ने बताया कि छात्राओं ने मेस में घटिया भोजन परोसे जाने की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। जांच और उपचार के बाद छात्राओं को वापस छात्रावास लाया गया। प्राचार्य ने कहा कि मेस संचालक को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं और छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।